📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Housing and Urban Poverty Alleviation
राजनीति
उद्धव ठाकरे के 'रेजिम चेंज' बयान पर देवेंद्र फडणवीस की जबरदस्त प्रतिक्रिया
✍️ Mid-Day
🗓 18 अक्टू. 2026, 04:17 PM
👁 27
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के 'रेजिम चेंज' के आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने इन बयानों को बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
महाराष्ट्र में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है क्योंकि उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यह विवाद उद्धव ठाकरे के हालिया बयान पर केंद्रित है, जिसमें उन्होंने राज्य सरकार में 'रेजिम चेंज' (शासन परिवर्तन) का आरोप लगाया था। फडणवीस ने इन आरोपों को बेबुनियाद और गलत बताया है।
फडणवीस ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार संवैधानिक ढांचे के भीतर कार्यरत है और शासन की मूल संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने विपक्षी नेता को जनता में भ्रम फैलाने और राजनीतिक माहौल को बिगाड़ने के लिए भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया।
यह बयानबाजी महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा को उजागर करती है। हालांकि उद्धव ठाकरे के टिप्पणियों ने काफी ध्यान खींचा है, लेकिन फडणवीस की प्रतिक्रिया का उद्देश्य सरकार की स्थिति को स्पष्ट करना और राजनीतिक कू데मा के नैरेटिव को खारिज करना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र की प्रतिस्पर्धी राजनीतिक परिदृश्य में ऐसे शब्दयुद्ध आम हैं, लेकिन यह विशेष बयानबाजी ने राज्य में शासन और विपक्षी रणनीतियों पर चर्चा को और तीव्र कर दिया है।
फडणवीस ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार संवैधानिक ढांचे के भीतर कार्यरत है और शासन की मूल संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने विपक्षी नेता को जनता में भ्रम फैलाने और राजनीतिक माहौल को बिगाड़ने के लिए भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया।
यह बयानबाजी महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा को उजागर करती है। हालांकि उद्धव ठाकरे के टिप्पणियों ने काफी ध्यान खींचा है, लेकिन फडणवीस की प्रतिक्रिया का उद्देश्य सरकार की स्थिति को स्पष्ट करना और राजनीतिक कू데मा के नैरेटिव को खारिज करना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र की प्रतिस्पर्धी राजनीतिक परिदृश्य में ऐसे शब्दयुद्ध आम हैं, लेकिन यह विशेष बयानबाजी ने राज्य में शासन और विपक्षी रणनीतियों पर चर्चा को और तीव्र कर दिया है।