📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biden for President
वायरल
विएतनामी व भारतीय बच्चों की तस्वीरों को नेपाल बाढ़ पीड़ित बताया गया – तथ्य‑जाँच
✍️ India Today
🗓 04 सित. 2026, 04:48 AM
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सोशल मीडिया पर विएतनामी और भारतीय बच्चों को नेपाल बाढ़ पीड़ित बताया गया, यह भारत टुडे की तथ्य‑जाँच में गलत साबित हुआ।
भारत टुडे ने उन वायरल पोस्टों की जांच की, जिनमें बच्चों की तस्वीरें साझा कर यह कहा गया था कि वे नेपाल में बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जांच से पता चला कि ये तस्वीरें अलग‑अलग स्रोतों से ली गई थीं: एक में विएतनामी बच्चों को स्कूल में दिखाया गया है, जबकि दूसरी में भारतीय बच्चों को घर के माहौल में दिखाया गया है। इन बच्चों का नेपाल की बाढ़ से कोई संबंध नहीं है।
पोस्टों में प्रयुक्त कैप्शन और हैशटैग जानबूझकर ग़लत जानकारी फैलाने के लिए जोड़े गए थे, जिससे भावनात्मक प्रतिक्रिया और शेयर बढ़े। नेपाल की बाढ़‑ग्रस्त क्षेत्रों में इन बच्चों की कोई पुष्टि नहीं है।
प्राधिकरण और आपदा राहत एजेंसियों ने कहा है कि बाढ़ के शिकार केवल प्रभावित जिलों के निवासी हैं और कोई विदेशी बच्चा पीड़ित नहीं बताया गया है। इस प्रकार की गलत प्रस्तुति यह दर्शाती है कि मानवीय संकट के समय जानकारी की सत्यता की जांच कितनी आवश्यक है।
भारत टुडे पाठकों से अनुरोध करता है कि वे ऐसी खबरों को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों और विश्वसनीय समाचार माध्यमों की पुष्टि करें, ताकि गलत सूचना का प्रसार रोका जा सके।
पोस्टों में प्रयुक्त कैप्शन और हैशटैग जानबूझकर ग़लत जानकारी फैलाने के लिए जोड़े गए थे, जिससे भावनात्मक प्रतिक्रिया और शेयर बढ़े। नेपाल की बाढ़‑ग्रस्त क्षेत्रों में इन बच्चों की कोई पुष्टि नहीं है।
प्राधिकरण और आपदा राहत एजेंसियों ने कहा है कि बाढ़ के शिकार केवल प्रभावित जिलों के निवासी हैं और कोई विदेशी बच्चा पीड़ित नहीं बताया गया है। इस प्रकार की गलत प्रस्तुति यह दर्शाती है कि मानवीय संकट के समय जानकारी की सत्यता की जांच कितनी आवश्यक है।
भारत टुडे पाठकों से अनुरोध करता है कि वे ऐसी खबरों को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों और विश्वसनीय समाचार माध्यमों की पुष्टि करें, ताकि गलत सूचना का प्रसार रोका जा सके।