📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Antonelse
टेक्नोलॉजी
फैक्ट-चेक: भारतीय और रूसी विदेश मंत्रियों का डीपफेक वीडियो वायरल
✍️ The Quint
🗓 05 नव. 2026, 06:26 AM
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भारतीय और रूसी विदेश मंत्रियों के डीपफेक अवतारों वाला एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे डिजिटल रूप से संशोधित सामग्री के रूप में खारिज किया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय और रूसी विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत दिखाई गई है। इस वीडियो को एक 'डीपफेक' (deepfake) के रूप में पहचाना गया है। इस क्लिप में दोनों वरिष्ठ राजदूतों के डिजिटल रूप से संशोधित चेहरे दिखाई दे रहे हैं।
फैक्ट-चेकर्स ने फुटेज का विश्लेषण किया और पुष्टि की कि यह कोई वास्तविक बातचीत नहीं है। यह वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है, जिससे असली जैसा लेकिन गलत दृश्य और ऑडियो कंटेंट तैयार किया गया है। डिजिटल परिदृश्य में ऐसे संशोधन अब आम हो गए हैं, जो मीडिया पर जनता के भरोसे के लिए चुनौती पेश करते हैं।
सत्यापन प्रक्रिया ने वीडियो की निर्माण प्रक्रिया में असंगतियों पर प्रकाश डाला, जिससे इसका कृत्रिम स्वरूप स्पष्ट हुआ। अधिकारी और मीडिया आउटलेट जनता से वायरल होने वाले कंटेंट को आगे साझा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करने की सलाह दे रहे हैं। यह घटना डिजिटल साक्षरता और असत्यापित सोशल मीडिया स्रोतों से खबरें पढ़ते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
फैक्ट-चेकर्स ने फुटेज का विश्लेषण किया और पुष्टि की कि यह कोई वास्तविक बातचीत नहीं है। यह वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है, जिससे असली जैसा लेकिन गलत दृश्य और ऑडियो कंटेंट तैयार किया गया है। डिजिटल परिदृश्य में ऐसे संशोधन अब आम हो गए हैं, जो मीडिया पर जनता के भरोसे के लिए चुनौती पेश करते हैं।
सत्यापन प्रक्रिया ने वीडियो की निर्माण प्रक्रिया में असंगतियों पर प्रकाश डाला, जिससे इसका कृत्रिम स्वरूप स्पष्ट हुआ। अधिकारी और मीडिया आउटलेट जनता से वायरल होने वाले कंटेंट को आगे साझा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करने की सलाह दे रहे हैं। यह घटना डिजिटल साक्षरता और असत्यापित सोशल मीडिया स्रोतों से खबरें पढ़ते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।