📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
वायरल
फैक्ट चेक: सेना प्रमुख के नृत्य का वायरल AI वीडियो नकली
✍️ vishvasnews.com
🗓 06 अक्टू. 2026, 02:47 PM
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सोशल मीडिया पर भारतीय सेना प्रमुख के एक मेजर की पत्नी के साथ नृत्य करते हुए दिखाता एक वीडियो वायरल हुआ। फैक्ट-चेकर्स ने पुष्टि की है कि यह वीडियो पूरी तरह से AI द्वारा बनाया गया और नकली है।
सोशल मीडिया पर एक मनीपुलेटेड वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय सेना के प्रमुख को एक मेजर की पत्नी के साथ नृत्य करते हुए दिखाया जा रहा है। इस क्लिप को गलतफहमी फैलाने के उद्देश्य से भ्रामक कैप्शन के साथ साझा किया गया था, जिससे यह तेजी से फैल गया।
विस्तृत विश्लेषण के बाद, फैक्ट-चेकिंग एजेंसियों ने पुष्टि की है कि यह फुटेज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा बनाया गया है। यह वीडियो उल्लिखित सैन्य अधिकारियों के बीच किसी वास्तविक घटना या अंतर्क्रिया को दर्शाता नहीं है। ये दृश्य डिजिटल रूप से निर्मित हैं और वास्तविकता का प्रतिबिंब नहीं हैं।
मिसइन्फॉर्मेशन का स्रोत पाकिस्तान में स्थित खातों तक ट्रैस किया गया, जिन्होंने इस सामग्री को फैलाकर भ्रम पैदा किया। अधिकारियों और मीडिया आउटलेट्स ने जनता से ऐसे दावों को साझा करने से पहले उनका सत्यापन करने और फेक न्यूज़ के प्रसार को रोकने के लिए इस तरह की नकली सामग्री की रिपोर्ट करने की सलाह दी है।
यह घटना डिजिटल स्पेस में AI-जनरेटेड डीपफेक्स की बढ़ती चुनौती को उजागर करती है। उपयोगकर्ताओं को सैन्य अधिकारियों से जुड़ी अपडेट्स के लिए आधिकारिक चैनलों पर भरोसा करने और इस तरह की नकली सामग्री को प्लेटफॉर्म मॉडरेटरों को रिपोर्ट करने की सलाह दी जाती है।
विस्तृत विश्लेषण के बाद, फैक्ट-चेकिंग एजेंसियों ने पुष्टि की है कि यह फुटेज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा बनाया गया है। यह वीडियो उल्लिखित सैन्य अधिकारियों के बीच किसी वास्तविक घटना या अंतर्क्रिया को दर्शाता नहीं है। ये दृश्य डिजिटल रूप से निर्मित हैं और वास्तविकता का प्रतिबिंब नहीं हैं।
मिसइन्फॉर्मेशन का स्रोत पाकिस्तान में स्थित खातों तक ट्रैस किया गया, जिन्होंने इस सामग्री को फैलाकर भ्रम पैदा किया। अधिकारियों और मीडिया आउटलेट्स ने जनता से ऐसे दावों को साझा करने से पहले उनका सत्यापन करने और फेक न्यूज़ के प्रसार को रोकने के लिए इस तरह की नकली सामग्री की रिपोर्ट करने की सलाह दी है।
यह घटना डिजिटल स्पेस में AI-जनरेटेड डीपफेक्स की बढ़ती चुनौती को उजागर करती है। उपयोगकर्ताओं को सैन्य अधिकारियों से जुड़ी अपडेट्स के लिए आधिकारिक चैनलों पर भरोसा करने और इस तरह की नकली सामग्री को प्लेटफॉर्म मॉडरेटरों को रिपोर्ट करने की सलाह दी जाती है।