📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subeesh Balan സുഭീഷ് ബാലൻ
राजनीति
फैक्ट चेक: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय कभी जंतर मंतर नहीं गए, वीडियो झूठे हैं
✍️ FACTLY
🗓 22 जुल. 2026, 07:48 PM
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फैक्टली ने पुष्टि की है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के जंतर मंतर की यात्रा दिखाने वाले वीडियो झूठे हैं। किसी भी यात्रा का कोई प्रमाण नहीं है।
फैक्टली, एक प्रमुख भारतीय तथ्य‑जाँच मंच, ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के जंतर मंतर की यात्रा दिखाने वाले वीडियो झूठे हैं। जाँच में पाया गया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में CM की कोई फुटेज नहीं है।
जंतर मंतर, जो 18वीं सदी में राजा जय सिंह II द्वारा बनाया गया था, एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह तमिलनाडु सरकार की किसी भी आधिकारिक यात्रा कार्यक्रम में शामिल नहीं है।
मुख्यमंत्री के कार्यालय या दिल्ली सरकार के किसी भी रिकॉर्ड में इस यात्रा का उल्लेख नहीं मिलता, और CM के यात्रा लॉग में भी इस अवधि में दिल्ली की कोई उपस्थिति नहीं पाई गई।
इस प्रकार की गलत सूचना जनता को भ्रमित कर सकती है और राजनीतिक व्यक्तियों पर विश्वास को कम कर सकती है। फैक्टली जैसे तथ्य‑जाँच प्लेटफ़ॉर्म यह सुनिश्चित करते हैं कि केवल सत्यापित जानकारी ही जनता तक पहुंचे।
फैक्टली के प्रवक्ता ने कहा कि वीडियो संभवतः नकली या गलत तरीके से जुड़े हुए हैं, और उपयोगकर्ताओं को साझा करने से पहले स्रोतों की पुष्टि करने का आग्रह किया।
जंतर मंतर, जो 18वीं सदी में राजा जय सिंह II द्वारा बनाया गया था, एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह तमिलनाडु सरकार की किसी भी आधिकारिक यात्रा कार्यक्रम में शामिल नहीं है।
मुख्यमंत्री के कार्यालय या दिल्ली सरकार के किसी भी रिकॉर्ड में इस यात्रा का उल्लेख नहीं मिलता, और CM के यात्रा लॉग में भी इस अवधि में दिल्ली की कोई उपस्थिति नहीं पाई गई।
इस प्रकार की गलत सूचना जनता को भ्रमित कर सकती है और राजनीतिक व्यक्तियों पर विश्वास को कम कर सकती है। फैक्टली जैसे तथ्य‑जाँच प्लेटफ़ॉर्म यह सुनिश्चित करते हैं कि केवल सत्यापित जानकारी ही जनता तक पहुंचे।
फैक्टली के प्रवक्ता ने कहा कि वीडियो संभवतः नकली या गलत तरीके से जुड़े हुए हैं, और उपयोगकर्ताओं को साझा करने से पहले स्रोतों की पुष्टि करने का आग्रह किया।