📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tisha Mukherjee
ऑटोमोबाइल
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेषज्ञों ने गति सीमा कड़े करने की अपील
✍️ The Times of India
🗓 10 अक्टू. 2026, 07:16 AM
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सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ तेज़ गति पर रोक लगाने और कड़ी नियमावली लागू करने की मांग कर रहे हैं ताकि भारत में दुर्घटनाओं की संख्या घटे।
भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या विश्व में सबसे अधिक है, जिससे सुरक्षा विशेषज्ञों ने त्वरित कार्रवाई की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गति सीमा के नियमों का कमजोर पालन ही दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में से एक है।
उनके सुझाव में कई कदम शामिल हैं: राजमार्गों पर अधिक गति कैमरे लगाना, उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाना और प्रवर्तन एजेंसियों की नियमित जांच करवाना। साथ ही, राज्यों के बीच गति सीमा में एकरूपता लाकर यात्रियों के भ्रम को दूर करने की भी सलाह दी गई है।
प्राधिकरणों से अनुरोध है कि इन सिफ़ारिशों को कानून में बदला जाए और कड़ी निगरानी के लिए आवश्यक संसाधन आवंटित किए जाएँ। विशेषज्ञों का मानना है कि कड़ी प्रवर्तन से मौतों और चोटों में काफी कमी आएगी और भारत विश्व स्तर के सड़क सुरक्षा मानकों के करीब पहुँच सकेगा।
प्रवर्तन के साथ-साथ, जनता में जागरूकता बढ़ाने और ड्राइवर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने की भी आवश्यकता पर बल दिया गया है, जिससे तेज़ गति से जुड़ी जोखिमों को कम किया जा सके।
उनके सुझाव में कई कदम शामिल हैं: राजमार्गों पर अधिक गति कैमरे लगाना, उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाना और प्रवर्तन एजेंसियों की नियमित जांच करवाना। साथ ही, राज्यों के बीच गति सीमा में एकरूपता लाकर यात्रियों के भ्रम को दूर करने की भी सलाह दी गई है।
प्राधिकरणों से अनुरोध है कि इन सिफ़ारिशों को कानून में बदला जाए और कड़ी निगरानी के लिए आवश्यक संसाधन आवंटित किए जाएँ। विशेषज्ञों का मानना है कि कड़ी प्रवर्तन से मौतों और चोटों में काफी कमी आएगी और भारत विश्व स्तर के सड़क सुरक्षा मानकों के करीब पहुँच सकेगा।
प्रवर्तन के साथ-साथ, जनता में जागरूकता बढ़ाने और ड्राइवर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने की भी आवश्यकता पर बल दिया गया है, जिससे तेज़ गति से जुड़ी जोखिमों को कम किया जा सके।