📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rinkel Film & TV Johnny Savage
राजनीति
पूर्व केरल मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने कहा: बीजेपी के सीईसी ज्ञानेश कुमार ने उन्हें केंद्रीय मंत्री पद के लिए स्काउट किया
✍️ TimelineDaily
🗓 27 सित. 2026, 04:37 AM
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पूर्व केरल मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने दावा किया कि बीजेपी के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उन्हें केंद्रीय मंत्री पद का वादा किया।
नई दिल्ली – पूर्व केरल मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने एक साक्षात्कार में कहा कि बीजेपी के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने व्यक्तिगत रूप से उनसे संपर्क किया और उन्हें केंद्रीय मंत्री पद के लिए विचार करने का प्रस्ताव दिया। थॉमसन, जिन्होंने केरल राज्य की प्रशासनिक शीर्ष पद संभाला था, ने बताया कि कुमार ने उनके प्रशासनिक अनुभव को केंद्र में एक कैबिनेट भूमिका के लिए उपयुक्त बताया।
थॉमसन ने इस मुलाकात की सटीक तिथि नहीं बताई, पर कहा कि यह बातचीत बीजेपी की हालिया चुनावी जीतों के बाद हुई। उन्होंने कहा कि यह पहल पार्टी की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें अनुभवी प्रशासकों को अपने दल में शामिल किया जा रहा है।
बीजेपी ने इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और ज्ञानेश कुमार की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह सच है तो यह पार्टी के आगामी राष्ट्रीय चुनावों से पहले अपनी शासकीय क्षमताओं को मजबूत करने की इच्छा को दर्शाता है।
केरल की सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने भी इस मुद्दे पर मौन रखा है, जबकि विपक्षी दल इस आरोप को बीजेपी की भर्ती रणनीति पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
विवरणों की पुष्टि अभी बाकी है, जब तक संबंधित पक्षों से आगे की टिप्पणी नहीं मिलती।
थॉमसन ने इस मुलाकात की सटीक तिथि नहीं बताई, पर कहा कि यह बातचीत बीजेपी की हालिया चुनावी जीतों के बाद हुई। उन्होंने कहा कि यह पहल पार्टी की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें अनुभवी प्रशासकों को अपने दल में शामिल किया जा रहा है।
बीजेपी ने इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और ज्ञानेश कुमार की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह सच है तो यह पार्टी के आगामी राष्ट्रीय चुनावों से पहले अपनी शासकीय क्षमताओं को मजबूत करने की इच्छा को दर्शाता है।
केरल की सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने भी इस मुद्दे पर मौन रखा है, जबकि विपक्षी दल इस आरोप को बीजेपी की भर्ती रणनीति पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
विवरणों की पुष्टि अभी बाकी है, जब तक संबंधित पक्षों से आगे की टिप्पणी नहीं मिलती।