📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yashmaanas
स्थानीय
शाम की भीड़ में लुधियाना में 25% सड़क दुर्घटनाएँ
✍️ The Times of India
🗓 24 अग. 2026, 02:36 AM
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एक हालिया विश्लेषण के अनुसार लुधियाना में शाम के भीड़भाड़ के समय 25% सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं।
द टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि लुधियाना में शाम के भीड़भाड़ के समय कुल सड़क दुर्घटनाओं में 25 प्रतिशत होते हैं, जिससे शहर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं। पिछले वर्ष की पुलिस रिपोर्टों के आधार पर तैयार डेटा से पता चलता है कि शाम 5 से 8 बजे के बीच टक्करों की संख्या सबसे अधिक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारी ट्रैफ़िक, कम रोशनी और काम के बाद थकान मिलकर इस वृद्धि का कारण बन रहे हैं। जीटी रोड और रिंग रोड जैसी मुख्य सड़कों पर जाम के कारण ड्राइवर अक्सर अचानक लेन बदलते या जोखिम भरे ओवरटेक करते हैं।
शहर के अधिकारियों ने इस प्रवृत्ति को स्वीकार किया है और चेतावनी दी है कि लक्षित उपायों के बिना हताहत संख्या बढ़ सकती है। ट्रैफ़िक पुलिस बढ़ी हुई गश्त, सिग्नल टाइमिंग में सुधार और पीक घंटे में सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही है।
परिवहन योजनाकारों का सुझाव है कि सार्वजनिक परिवहन विकल्पों का विस्तार और कार्य समय में बदलाव से भीड़भाड़ कम हो सकती है, जिससे शाम के पीक में दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारी ट्रैफ़िक, कम रोशनी और काम के बाद थकान मिलकर इस वृद्धि का कारण बन रहे हैं। जीटी रोड और रिंग रोड जैसी मुख्य सड़कों पर जाम के कारण ड्राइवर अक्सर अचानक लेन बदलते या जोखिम भरे ओवरटेक करते हैं।
शहर के अधिकारियों ने इस प्रवृत्ति को स्वीकार किया है और चेतावनी दी है कि लक्षित उपायों के बिना हताहत संख्या बढ़ सकती है। ट्रैफ़िक पुलिस बढ़ी हुई गश्त, सिग्नल टाइमिंग में सुधार और पीक घंटे में सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही है।
परिवहन योजनाकारों का सुझाव है कि सार्वजनिक परिवहन विकल्पों का विस्तार और कार्य समय में बदलाव से भीड़भाड़ कम हो सकती है, जिससे शाम के पीक में दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी।