अपराध
एटा पुलिस ने चलाया व्यापक साइबर जागरूकता अभियान, स्कूल‑कॉलेज एवं बाजारों में नागरिकों को साइबर अपराध से किया गया सावधान
एसपी डॉ० इलामारन एवं एएसपी श्वेताभ पाण्डेय के निर्देशन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज, बाजार और ग्राम सभाओं में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाई गई। नागरिकों को अज्ञात कॉल/लिंक पर व्यक्तिगत जानकारी न देने और 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की सलाह दी गई।
एटा जनपद की पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ० इलामारन जि. और अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय के पर्यवेक्षण में किया गया, जबकि क्षेत्राधिकारी साइबर नीतीश गर्ग इसके संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
अभियान के तहत पुलिस कर्मियों ने जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों sowie बाजारों और ग्राम सभाओं में जाकर छात्र‑छात्राओं और आमजन को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों जैसे फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग के प्रति जागरूक किया गया। लोगों को सलाह दी गई कि किसी भी अज्ञात कॉल या लिंक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, OTP, बैंक विवरण या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए तथा साइबर ठगी होने पर तुरंत टोल‑फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
जनपदीय पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें और दूसरों को भी साइबर अपराध से बचने हेतु जागरूक करें। अभियान के दौरान पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा के ग्यारह महत्वपूर्ण नियम भी साझा किए गए, जिनमें परिचित की आवाज में पैसे मांगने पर पुष्टि करना, सरकारी अधिकारी बनकर किए जाने वाले लालच में नहीं आना, सोशल मीडिया पर अनजान लिंक या एप में निवेश से बचना, UPI PIN का सही उपयोग करना, कार्ड विवरण साझा नहीं करना, पोस्ट या फॉरवर्ड करने से पहले वीडियो/तस्वीर की सच्चाई जांचना, बैंक खाता कमीशन के लालच में नहीं देना, विदेशी फेक जॉब ऑफर से सावधान रहना, बीमा के नाम पर आए अनजान लिंक नहीं खोलना, APK लिखे दस्तावेज़ डाउनलोड नहीं करना और "डिजिटल अरेस्ट" जैसी falsa प्रक्रिया पर विश्वास नहीं करना शामिल हैं।
अभियान के तहत पुलिस कर्मियों ने जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों sowie बाजारों और ग्राम सभाओं में जाकर छात्र‑छात्राओं और आमजन को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों जैसे फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया हैकिंग के प्रति जागरूक किया गया। लोगों को सलाह दी गई कि किसी भी अज्ञात कॉल या लिंक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, OTP, बैंक विवरण या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए तथा साइबर ठगी होने पर तुरंत टोल‑फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
जनपदीय पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें और दूसरों को भी साइबर अपराध से बचने हेतु जागरूक करें। अभियान के दौरान पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा के ग्यारह महत्वपूर्ण नियम भी साझा किए गए, जिनमें परिचित की आवाज में पैसे मांगने पर पुष्टि करना, सरकारी अधिकारी बनकर किए जाने वाले लालच में नहीं आना, सोशल मीडिया पर अनजान लिंक या एप में निवेश से बचना, UPI PIN का सही उपयोग करना, कार्ड विवरण साझा नहीं करना, पोस्ट या फॉरवर्ड करने से पहले वीडियो/तस्वीर की सच्चाई जांचना, बैंक खाता कमीशन के लालच में नहीं देना, विदेशी फेक जॉब ऑफर से सावधान रहना, बीमा के नाम पर आए अनजान लिंक नहीं खोलना, APK लिखे दस्तावेज़ डाउनलोड नहीं करना और "डिजिटल अरेस्ट" जैसी falsa प्रक्रिया पर विश्वास नहीं करना शामिल हैं।