स्वास्थ्य
एटा में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा, जन जागरूकता पर जोर
जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में डेंगू, चिकनगुनिया एवं वर्षाजनित रोगों की रोकथाम के लिए जन जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया गया।
एटा में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने अधिकारियों को माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान/दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी संबंधित विभाग टीम भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अभियान की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए इसकी सप्ताह में दो बार समीक्षा की जाएगी।
अभियान के दौरान साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने तथा डेंगू, चिकनगुनिया एवं अन्य वर्षाजनित रोगों से बचाव के उपायों के संबंध में आमजन को व्यापक रूप से जागरूक करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े खंड विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। शिक्षा, चिकित्सा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा एवं एएनएम सहित सभी कार्मिक अपने निर्धारित दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करें।
जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने, गर्भवती महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं ट्रैकिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की फीडिंग समय से पूर्ण कराने तथा आशा बहुओं के भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत चिन्हित बच्चों को समय से चश्मा उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों की जांच, चिन्हांकन एवं उपचार की प्रक्रिया समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत निर्धारित टीकाकरण लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक से प्रतिमाह दो-दो बच्चों को राष्ट्रीय पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने के निर्देश दिए, ताकि कुपोषित बच्चों को समुचित उपचार एवं पोषण मिल सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, एसीएमओ डॉ. राममोहन तिवारी सहित स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अभियान के दौरान साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने तथा डेंगू, चिकनगुनिया एवं अन्य वर्षाजनित रोगों से बचाव के उपायों के संबंध में आमजन को व्यापक रूप से जागरूक करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े खंड विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। शिक्षा, चिकित्सा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा एवं एएनएम सहित सभी कार्मिक अपने निर्धारित दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करें।
जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने, गर्भवती महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं ट्रैकिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों की फीडिंग समय से पूर्ण कराने तथा आशा बहुओं के भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत चिन्हित बच्चों को समय से चश्मा उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों की जांच, चिन्हांकन एवं उपचार की प्रक्रिया समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत निर्धारित टीकाकरण लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक से प्रतिमाह दो-दो बच्चों को राष्ट्रीय पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने के निर्देश दिए, ताकि कुपोषित बच्चों को समुचित उपचार एवं पोषण मिल सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, एसीएमओ डॉ. राममोहन तिवारी सहित स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।