📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Youth Affairs and Sports
खेल
इंग्लैंड के सितारे ने 2017 चैंपियंस ट्रॉफी में ICC की भारत‑पाकिस्तान फाइनल की चाह का खुलासा
✍️ Moneycontrol.com
🗓 12 अक्टू. 2026, 03:38 AM
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इंग्लैंड के एक क्रिकेटर ने कहा कि ICC ने 2017 चैंपियंस ट्रॉफी को भारत‑पाकिस्तान फाइनल तक पहुँचाने की इच्छा रखी थी।
इंग्लैंड के एक खिलाड़ी ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2017 ICC चैंपियंस ट्रॉफी के समापन में भारत‑पाकिस्तान फाइनल को जानबूझकर चाहा था। उन्होंने बताया कि बोर्ड को लगा था कि दो प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच का फाइनल दर्शकों और विज्ञापन आय दोनों को बढ़ाएगा।
वह टूर्नामेंट, जो इंग्लैंड‑वेल्स में आयोजित हुआ था, वास्तव में भारत‑पाकिस्तान के बीच फाइनल में समाप्त हुआ, जिसमें भारत ने एक नज़दीकी जीत हासिल की। इस मुकाबले ने दक्षिण एशिया में टीवी रेटिंग्स को आसमान छू लिया, पर अब इस खिलाड़ी के बयान से यह सवाल उठता है कि क्या इस मैच को केवल खेल के आधार पर नहीं, बल्कि व्यावसायिक कारणों से चुना गया था।
ICC ने अभी तक इस आरोप पर कोई टिप्पणी नहीं की है और इस बयान को साबित करने वाला कोई आधिकारिक दस्तावेज़ भी प्रस्तुत नहीं किया गया है। क्रिकेट विश्लेषकों का कहना है कि टूर्नामेंट की योजना बनाते समय कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है, जिसमें टीमों का प्रदर्शन और लॉजिस्टिक सीमाएँ शामिल हैं।
यदि यह दावा सत्य साबित होता है, तो यह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शेड्यूलिंग के पीछे व्यावसायिक हितों की भूमिका पर फिर से चर्चा को जन्म दे सकता है, जो पिछले कुछ वर्षों में कई बार उठाया गया मुद्दा है।
वह टूर्नामेंट, जो इंग्लैंड‑वेल्स में आयोजित हुआ था, वास्तव में भारत‑पाकिस्तान के बीच फाइनल में समाप्त हुआ, जिसमें भारत ने एक नज़दीकी जीत हासिल की। इस मुकाबले ने दक्षिण एशिया में टीवी रेटिंग्स को आसमान छू लिया, पर अब इस खिलाड़ी के बयान से यह सवाल उठता है कि क्या इस मैच को केवल खेल के आधार पर नहीं, बल्कि व्यावसायिक कारणों से चुना गया था।
ICC ने अभी तक इस आरोप पर कोई टिप्पणी नहीं की है और इस बयान को साबित करने वाला कोई आधिकारिक दस्तावेज़ भी प्रस्तुत नहीं किया गया है। क्रिकेट विश्लेषकों का कहना है कि टूर्नामेंट की योजना बनाते समय कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है, जिसमें टीमों का प्रदर्शन और लॉजिस्टिक सीमाएँ शामिल हैं।
यदि यह दावा सत्य साबित होता है, तो यह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शेड्यूलिंग के पीछे व्यावसायिक हितों की भूमिका पर फिर से चर्चा को जन्म दे सकता है, जो पिछले कुछ वर्षों में कई बार उठाया गया मुद्दा है।