📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
धर्म
इंजीनियर गौरव जैन ने 18 लाख की नौकरी छोड़ वैराग्य अपनाया, केकड़ी में शोभायात्रा का नेतृत्व किया
✍️ Amar Ujala · Ajmer
🗓 27 अक्टू. 2026, 04:15 PM
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केकड़ी के जूनिया गांव के 24‑साल के गौरव जैन ने इंजीनियर की नौकरी और 18 लाख रुपये की सालाना वेतन छोड़ वैराग्य अपनाया, इसे बैंड‑बाजे के साथ शोभायात्रा से मनाया।
केकड़ी में शनिवार को एक अनोखा वैराग्य का सार्वजनिक प्रदर्शन हुआ, जब जूनिया गांव के 24‑साल के गौरव जैन ने इंजीनियर की नौकरी और 18 लाख रुपये वार्षिक वेतन को त्याग दिया। इस युवा पेशेवर ने वैराग्य की राह अपनाने का फैसला किया, जो भौतिक इच्छाओं से दूर रहने की भारतीय परम्परा है।
जैन ने अपने निर्णय को दर्शाने के लिए केकड़ी की सड़कों में बैंड‑बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली। स्थानीय लोग इस यात्रा को देख कर एकत्र हुए, जो उसकी साधुता और आध्यात्मिक प्रतिबद्धता का प्रतीक थी।
मित्रों और गांववालों के अनुसार, जैन ने कई महीनों से इस परिवर्तन पर विचार किया था और इस कार्यक्रम के दौरान औपचारिक रूप से घोषणा की। उन्होंने मिलने वाले समर्थन के लिए धन्यवाद कहा और बताया कि वह ध्यान और सामाजिक सेवा के माध्यम से अपनी आध्यात्मिक यात्रा जारी रखेंगे।
यह घटना इस बात को उजागर करती है कि युवा भारतीयों में पारंपरिक कॉरपोरेट करियर छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग चुनने की प्रवृत्ति, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ पारम्परिक मूल्यों का प्रभाव अधिक है, धीरे‑धीरे बढ़ रही है।
जैन ने अपने निर्णय को दर्शाने के लिए केकड़ी की सड़कों में बैंड‑बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली। स्थानीय लोग इस यात्रा को देख कर एकत्र हुए, जो उसकी साधुता और आध्यात्मिक प्रतिबद्धता का प्रतीक थी।
मित्रों और गांववालों के अनुसार, जैन ने कई महीनों से इस परिवर्तन पर विचार किया था और इस कार्यक्रम के दौरान औपचारिक रूप से घोषणा की। उन्होंने मिलने वाले समर्थन के लिए धन्यवाद कहा और बताया कि वह ध्यान और सामाजिक सेवा के माध्यम से अपनी आध्यात्मिक यात्रा जारी रखेंगे।
यह घटना इस बात को उजागर करती है कि युवा भारतीयों में पारंपरिक कॉरपोरेट करियर छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग चुनने की प्रवृत्ति, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ पारम्परिक मूल्यों का प्रभाव अधिक है, धीरे‑धीरे बढ़ रही है।