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01 Oct 2026•
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एनटीपीसी हाउस में

✍️ Reporter: Akash Bharti 🗓 30 Sep 2026, 11:38 PM 👁 23
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जान देंगे पर जमीन नहीं देंगे

सीबी साउथ परियोजना के विरोध में 11 गांवों में मशाल जुलूस

ग्रामीणों ने बुलंद की जमीन बचाने की आवाज

केरेडारी सहित 11 प्रभावित गांवों में गूंजा एक ही नारा - "जमीन हमारी, नहीं किसी की जागीर"

मशाल जुलूस में शामिल ग्रामीण.

मशाल जुलूस के दौरान नारे लगाते ग्रामीण.

"जमीन से अनाज पैदा होता है, फिर उसे उजाड़कर कोयला निकालना कहां तक उचित ?"

ग्रामीणो ने कहा कि जमीन केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, पहचान, परंपरा और आन े वाली पीढ़ियो के भविष्य का आधार है।

विकास जरूरी, लेकिन हमारी जमीन की कीमत पर नहीं

ग्रामीणों ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर गांव, खेत और लोगों के अस्तित्व की कीमत नहीं चुकाई जा सकती। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस जमीन से दुनिया के लिए सबसे जरूरी खादय उत्पादन यानी अनाज पैदा होता है, उसी उपजाऊ जमीन को नष्ट कर कोयला खनन करना आखिर कहां तक उचित है।

केरेडारी । सीबी साउथ कोल परियोजना के

खिलाफ रेडारी प्रखंड में ग्रामीणो का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को केरेडारी के साथ-साथ भदईखाप, लॉयसुकवार, चट्टी पेटो, बेला पेटो समेत सभी 11 प्रभावित गांवों में ग्रामीणो ने मशाल जुलूस निकालकर परियोजना का जोरदार विरोध किया।

मशाल जुलूस के दौरान ग्रामीणों ने "अपनी माटी, अपना अधिकार" और "जमीन नही देंगे" जैसे नारे लगाते हुए अपनी जमीन, गांव और अस्तित्व की रक्षा का संकल्प दोहराया।

29 सितंबर को प्रखंड मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन मशाल जुलूस के बाद आदालनकारिया न एलान किया मशाल जुलूस के बाद आंदोलनकारियो ने ऐलान किया कि 29 सितंबर 2026 को केरेडारी प्रखंड मुख्यालय में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों ने अधिक से अधिक संख्या में लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। आंदोलनकारियो ने कहा कि "अपनी माटी, अपना अधिकार" की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक प्रभावित ग्रामीणों की मांगो पर गंभीरता से विवार नहीं किया जाता।
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