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एम्स पटना कि डॉ व्याख्या गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीयमंचपर बढ़ाया भारत के मान

✍️ रिपोर्टर: Awanish Kumar 🗓 15 अक्टू. 2026, 07:04 PM 👁 47
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एम्स पटना से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट।


एम्स पटना की डॉ. व्याख्या गुप्ताने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया भारत का मान, बैंकॉक में जीता सिल्वर यंग सर्जन अवार्ड



पटना, 15 अक्टूबर 2026:

एम्स पटना की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। संस्थान के दंत चिकित्सा विभाग (ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी) की सीनियर रेजिडेंट डॉ. व्याख्या गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए सिल्वर यंग सर्जन अवार्ड (द्वितीय स्थान) प्राप्त किया है। उन्हें यह सम्मान थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में 1 से 3 अक्टूबर 2026 तक आयोजित क्रैनियोमैक्सिलोफेशियल सर्जरी के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन फेस अहेड 2026 में प्रदान किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन एओ सीएमएफ द्वारा किया गया था।

डॉ. गुप्ता की यह उपलब्धि उनके अकादमिक सफर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस सम्मान ने न केवल एम्स पटना को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय युवा चिकित्सकों की शोध क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विशेषज्ञ शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान को भी रेखांकित किया है।

डॉ. गुप्ता को यह पुरस्कार उनके शोध-पत्र “डेक्स्ट्रोज प्रोलोथेरेपी बनाम लिग्नोकेन इन मायोफेशियल पेन डिसफंक्शन सिंड्रोम” की प्रस्तुति के लिए मिला। यह शोध एम्स पटना के दंत चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. नक़ूश हैदरी के मार्गदर्शन में सहयोगात्मक रूप से किया गया। शोध का उद्देश्य मायोफेशियल पेन डिसफंक्शन सिंड्रोम के उपचार से जुड़े चिकित्सकीय दृष्टिकोणों का अध्ययन करना तथा ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने डॉ. गुप्ता को बधाई दी। उन्होंने अकादमिक उत्कृष्टता और शोध के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां संस्थान में प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, वैज्ञानिक अनुसंधान को सुदृढ़ बनाने तथा युवा चिकित्सकों को वैश्विक चिकित्सा समुदाय में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करने के प्रयासों को दर्शाती हैं।

एम्स पटना के दंत चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शिवेंद्र चौधरी ने भी डॉ. गुप्ता को इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने उनके शोध प्रयासों की सराहना करते हुए ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र में अकादमिक सहयोग और वैज्ञानिक नवाचार के महत्व को रेखांकित किया।

डॉ. व्याख्या गुप्ता की यह सफलता एम्स पटना के रेजिडेंट चिकित्सकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह उपलब्धि संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत चिकित्सकीय चुनौतियों को शोध के अवसरों में बदलने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और भविष्य के कुशल स्वास्थ्य विशेषज्ञों को तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाता है। उनका यह सम्मान दंत चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान, अकादमिक उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एम्स पटना के निरंतर प्रयासों को नई मजबूती प्रदान करता है।
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