📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Eshaanbera
अपराध
बिजली बोर्ड के SE पर ₹7.16 करोड़ की संपत्ति, वेतन से 258% अधिक
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 21 जुल. 2026, 04:08 PM
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एक पूर्व वरिष्ठ कार्यकारी के पास ₹7.16 करोड़ की संपत्ति पाई गई, जो उसके कुल वेतन ₹2 करोड़ से लगभग 258% अधिक है। लोकायुक्त की जांच में यह अंतर स्पष्ट हुआ।
मध्यप्रदेश के लोकायुक्त ने खुलासा किया है कि बिजली बोर्ड के पूर्व वरिष्ठ कार्यकारी शिवराम सेमिल ने अपने कार्यकाल में लगभग ₹7.16 करोड़ की संपत्ति जमा की है। रिपोर्ट के अनुसार, सेमिल ने अपने पूरे सेवा काल में केवल लगभग ₹2 करोड़ का वेतन कमाया।
जांच में यह भी पाया गया कि चल-अचल दोनों प्रकार की संपत्तियाँ सेमिल और उनके रिश्तेदारों के नाम पर पंजीकृत थीं, जिनका मूल्य उनके वैध आय से लगभग 258% अधिक है।
लोकायुक्त ने इन संपत्तियों की विस्तृत जाँच का आदेश दिया है और यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इनकी प्राप्ति अवैध तरीकों से हुई है। बिजली बोर्ड को भी आंतरिक नियंत्रणों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले ने सार्वजनिक क्षेत्र की उपयोगिताओं में भ्रष्टाचार के व्यापक मुद्दे पर प्रकाश डाला है, जिससे अधिकारियों के संपत्ति घोषणाओं में कड़ी निगरानी और पारदर्शिता की माँग की जा रही है।
जांच में यह भी पाया गया कि चल-अचल दोनों प्रकार की संपत्तियाँ सेमिल और उनके रिश्तेदारों के नाम पर पंजीकृत थीं, जिनका मूल्य उनके वैध आय से लगभग 258% अधिक है।
लोकायुक्त ने इन संपत्तियों की विस्तृत जाँच का आदेश दिया है और यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इनकी प्राप्ति अवैध तरीकों से हुई है। बिजली बोर्ड को भी आंतरिक नियंत्रणों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले ने सार्वजनिक क्षेत्र की उपयोगिताओं में भ्रष्टाचार के व्यापक मुद्दे पर प्रकाश डाला है, जिससे अधिकारियों के संपत्ति घोषणाओं में कड़ी निगरानी और पारदर्शिता की माँग की जा रही है।