📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh Lalwani
राजनीति
चुनाव आयोग ने कहा आपत्ति नोट्स निर्णय‑प्रक्रिया का हिस्सा, प्रमुख चिंताओं को अनदेखा
✍️ The Indian Express
🗓 23 सित. 2026, 09:36 PM
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चुनाव आयोग ने बताया कि आपत्ति नोट्स निर्णय‑प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा हैं, पर आलोचकों का कहना है कि प्रमुख मुद्दों को नजरअंदाज किया गया।
नई दिल्ली – चुनाव आयोग ने दोहराया कि पार्टियों और व्यक्तियों द्वारा दायर आपत्ति नोट्स उसके निर्णय‑प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा हैं। आयोग ने कहा कि इन नोट्स को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर अंतिम निर्णय से पहले विस्तृत रूप से जांचा जाता है।
फिर भी, विपक्षी दल और नागरिक समाज के समूहों का कहना है कि आयोग ने आपत्तियों में उठाए गए कई महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कुछ शिकायतों को क्यों नहीं माना गया।
अधिकारियों ने बताया कि प्रक्रियात्मक समय‑सीमा और गोपनीयता कारणों से सार्वजनिक टिप्पणी की सीमा होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना चुनावी निगरानी में आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता की माँगों के बीच तनाव को उजागर करती है।
फिर भी, विपक्षी दल और नागरिक समाज के समूहों का कहना है कि आयोग ने आपत्तियों में उठाए गए कई महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कुछ शिकायतों को क्यों नहीं माना गया।
अधिकारियों ने बताया कि प्रक्रियात्मक समय‑सीमा और गोपनीयता कारणों से सार्वजनिक टिप्पणी की सीमा होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना चुनावी निगरानी में आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता की माँगों के बीच तनाव को उजागर करती है।