📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / KATNICITY
स्थानीय
कटनी में जर्जर इमारत की छत गिरने से बुजुर्ग की मौत
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 26 सित. 2026, 06:31 PM
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तीन दिन की लगातार बारिश के बाद कटनी में जर्जर इमारत की छत गिरने से बुजुर्ग की मौत हो गई, जिससे नगर निगम की जिम्मेदारी पर सवाल उठे।
कटनी, मध्य प्रदेश – लगातार तीन दिन की बारिश के बाद शहर के एक जर्जर इमारत की छत गिर गई, जिससे एक बुजुर्ग निवासी मलबे में फँस गया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, वह वरिष्ठ नागरिक तुरंत ही चोटों के कारण निधन हो गया।
नगर निगम के अभिलेखों में इस इमारत को "जर्जर" बताया गया था, जिससे सुरक्षा निरीक्षण की कमी पर सवाल उठे। पड़ोसियों ने बताया कि कई महीनों से इमारत में कमजोरी के संकेत दिख रहे थे, पर कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
त्रासदी के बाद कटनी नगर निगम को तीव्र आलोचना का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने जांच शुरू की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि भवन कोड के उल्लंघन ने इस मौत में भूमिका निभाई या नहीं। बचाव दल और चिकित्सा कर्मियों को तुरंत भेजा गया, पर मलबे की मात्रा ने बचाव कार्य को कठिन बना दिया।
यह घटना मध्य प्रदेश में मौसमी बारिश के दौरान पुरानी इमारतों की निगरानी को कड़ा करने की आवश्यकता पर फिर से चर्चा को जन्म दे रही है, ताकि भविष्य में ऐसी मौतें न हों।
नगर निगम के अभिलेखों में इस इमारत को "जर्जर" बताया गया था, जिससे सुरक्षा निरीक्षण की कमी पर सवाल उठे। पड़ोसियों ने बताया कि कई महीनों से इमारत में कमजोरी के संकेत दिख रहे थे, पर कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
त्रासदी के बाद कटनी नगर निगम को तीव्र आलोचना का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने जांच शुरू की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि भवन कोड के उल्लंघन ने इस मौत में भूमिका निभाई या नहीं। बचाव दल और चिकित्सा कर्मियों को तुरंत भेजा गया, पर मलबे की मात्रा ने बचाव कार्य को कठिन बना दिया।
यह घटना मध्य प्रदेश में मौसमी बारिश के दौरान पुरानी इमारतों की निगरानी को कड़ा करने की आवश्यकता पर फिर से चर्चा को जन्म दे रही है, ताकि भविष्य में ऐसी मौतें न हों।