📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hari Prasad Nadig
अपराध
गौरी लंकैश हत्याकांड में नौ साल बाद नियुक्त हुआ आठवां जज
✍️ The Indian Express
🗓 11 अक्टू. 2026, 01:37 AM
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जर्नलिस्ट गौरी लंकैश की हत्या को नौ साल बीतने के बाद, कर्नाटक ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में अपना आठवां जज नियुक्त किया है।
जर्नलिस्ट गौरी लंकैश की हत्या सितंबर 2017 में बेंगलुरु में उनके घर के बाहर की गई थी, जिससे पूरे देश में गहरी प्रतिक्रिया और एक हाई‑प्रोफ़ाइल आपराधिक जांच शुरू हुई। इस हत्या के मामले को भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज किया गया और यह लगभग एक दशक से कर्नाटक ट्रायल कोर्ट में लंबित है।
पिछले नौ सालों में इस ट्रायल में सात जजों का स्थानांतरण या इस्तीफा हुआ, जिनमें स्वास्थ्य कारण, प्रशासनिक आदेश या प्रक्रिया संबंधी देरी प्रमुख थीं। इस हफ्ते कोर्ट ने अपना आठवां जज नियुक्त किया, जिससे इस लंबे चल रहे मुकदमे में एक और बदलाव आया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार जजों में बदलाव ने प्रक्रिया में बाधाएँ उत्पन्न की हैं, जिससे निर्णय तक पहुँचने में समय बढ़ा है। नए नियुक्त जज को अब मौजूदा साक्ष्य की समीक्षा, लंबित दलीलों को सुनना और ट्रायल के शेष चरणों के लिए समय‑सारिणी निर्धारित करना होगा, जबकि अभियोजन और रक्षा दोनों अगले सुनवाई की तैयारी कर रहे हैं।
पिछले नौ सालों में इस ट्रायल में सात जजों का स्थानांतरण या इस्तीफा हुआ, जिनमें स्वास्थ्य कारण, प्रशासनिक आदेश या प्रक्रिया संबंधी देरी प्रमुख थीं। इस हफ्ते कोर्ट ने अपना आठवां जज नियुक्त किया, जिससे इस लंबे चल रहे मुकदमे में एक और बदलाव आया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार जजों में बदलाव ने प्रक्रिया में बाधाएँ उत्पन्न की हैं, जिससे निर्णय तक पहुँचने में समय बढ़ा है। नए नियुक्त जज को अब मौजूदा साक्ष्य की समीक्षा, लंबित दलीलों को सुनना और ट्रायल के शेष चरणों के लिए समय‑सारिणी निर्धारित करना होगा, जबकि अभियोजन और रक्षा दोनों अगले सुनवाई की तैयारी कर रहे हैं।