📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / JPL
मौसम
मेज़ोरा के मावसिनराम‑चेरापुंजी में जलसंकट का बढ़ता ख़तरा
✍️ northeasttoday.in
🗓 22 सित. 2026, 05:46 AM
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बढ़ते तापमान और अनियमित वर्षा से मावसिनराम‑चेरापुंजी में जलसंकट का खतरा बढ़ रहा है।
मेघालय के मावसिनराम और चेरापुंजी, जो विश्व के सबसे अधिक वर्षा वाले स्थानों में गिने जाते हैं, अब जलवायु परिवर्तन के कारण मौसमी पैटर्न में बदलाव के चलते पानी की कमी के संकेत दिखा रहे हैं।
पिछले तीन वर्षों के मौसम विज्ञान डेटा में मुख्य मानसून के महीनों में कुल वर्षा में स्पष्ट गिरावट और औसत तापमान में लगभग 0.7 °C की वृद्धि दर्ज की गई है। स्थानीय कुओं और जलाशयों में पुनर्भरण स्तर कम हो रहा है, जिससे पीने के पानी और कृषि के लिए निर्भर रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ी है।
राज्य अधिकारियों ने स्थिति का मूल्यांकन शुरू कर दिया है और वर्षा जल संचयन तथा भूजल पुनर्भरण परियोजनाओं को लागू करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय जल‑प्रबंधन उपायों के बिना इस क्षेत्र में लंबी अवधि की सूखा स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, जो स्थानीय आजीविका और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र दोनों को प्रभावित करेंगी।
पिछले तीन वर्षों के मौसम विज्ञान डेटा में मुख्य मानसून के महीनों में कुल वर्षा में स्पष्ट गिरावट और औसत तापमान में लगभग 0.7 °C की वृद्धि दर्ज की गई है। स्थानीय कुओं और जलाशयों में पुनर्भरण स्तर कम हो रहा है, जिससे पीने के पानी और कृषि के लिए निर्भर रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ी है।
राज्य अधिकारियों ने स्थिति का मूल्यांकन शुरू कर दिया है और वर्षा जल संचयन तथा भूजल पुनर्भरण परियोजनाओं को लागू करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय जल‑प्रबंधन उपायों के बिना इस क्षेत्र में लंबी अवधि की सूखा स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, जो स्थानीय आजीविका और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र दोनों को प्रभावित करेंगी।