📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
रक्षा
DRDO वैज्ञानिक बताएंगे भारत की समुद्री व हवाई निगरानी क्षमताएँ
✍️ The Times of India
🗓 12 अक्टू. 2026, 03:46 AM
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एक DRDO वैज्ञानिक भारत की समुद्री व हवाई निगरानी प्रणालियों की जानकारी देंगे, नवीन तकनीकी प्रगति को उजागर करेंगे।
डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने भारत की समुद्री व हवाई निगरानी प्रणाली पर मीडिया और रक्षा विश्लेषकों को ब्रीफ़िंग देने का कार्यक्रम तय किया है। इस ब्रीफ़िंग में रडार नेटवर्क, मानवरहित हवाई वाहन और उपग्रह सेंसर के एकीकृत उपयोग को बताया जाएगा, जो देश के तटीय जल और हवाई क्षेत्र की निगरानी करते हैं।
वैज्ञानिक यह भी स्पष्ट करेंगे कि ये प्रणालियाँ भारतीय नौसेना और वायु सेना को संभावित खतरों की पहचान व प्रतिक्रिया में कैसे मदद करती हैं, साथ ही वाणिज्यिक शिपिंग लेन और नागरिक हवाई यातायात की सुरक्षा में उनका योगदान क्या है। हालिया अपग्रेड्स से detection range और डेटा प्रोसेसिंग गति में सुधार पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि यह सत्र DRDO की समुद्री और हवाई सुरक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो भारतीय समुद्री क्षेत्र और राष्ट्रीय हवाई डोमेन में बदलते सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप है।
वैज्ञानिक यह भी स्पष्ट करेंगे कि ये प्रणालियाँ भारतीय नौसेना और वायु सेना को संभावित खतरों की पहचान व प्रतिक्रिया में कैसे मदद करती हैं, साथ ही वाणिज्यिक शिपिंग लेन और नागरिक हवाई यातायात की सुरक्षा में उनका योगदान क्या है। हालिया अपग्रेड्स से detection range और डेटा प्रोसेसिंग गति में सुधार पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि यह सत्र DRDO की समुद्री और हवाई सुरक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो भारतीय समुद्री क्षेत्र और राष्ट्रीय हवाई डोमेन में बदलते सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप है।