📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shaili Sharma
बिज़नेस
घरेलू कंपनियों ने GFGNL पर टेलीकॉम मानदंड तोड़ने का आरोप
✍️ The Economic Times
🗓 25 सित. 2026, 02:46 AM
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उद्योग के खिलाड़ियों का कहना है कि गुजरात फाइबर ग्रिड नेटवर्क लिमिटेड स्थापित नियमों का उल्लंघन कर रहा है, जिससे बाजार में निष्पक्षता को खतरा है।
कई घरेलू टेलीकॉम कंपनियों ने गुजरात फाइबर ग्रिड नेटवर्क लिमिटेड (GFGNL) पर नियामक ढांचे का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कंपनी लाइसेंस शर्तों और नेटवर्क स्थापित करने व सेवा प्रदान करने की प्रक्रियात्मक मानदंडों से हट रही है।
इन कंपनियों के अनुसार, इस तरह के कार्यों से GFGNL को अनुचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सकता है, जिससे बाजार में असमानता पैदा होगी और छोटे ऑपरेटरों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने नियामक से जांच का अनुरोध किया है और सुधारात्मक कदमों की मांग की है।
यह मुद्दा अन्य हितधारकों का भी ध्यान आकर्षित कर रहा है, जिसमें बीएसएनएल ने वर्तमान टेलीकॉम माहौल में प्रतिबंधात्मक शर्तों को उजागर किया है। जबकि बीएसएनएल की चिंताएँ अलग हैं, वे नीति कार्यान्वयन और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा से जुड़ी व्यापक चुनौतियों को दर्शाती हैं।
वर्तमान में नियामक प्राधिकरण ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर स्रोतों के अनुसार GFGNL की अनुपालन स्थिति की समीक्षा चल रही हो सकती है। इस जांच के परिणाम से भारत के टेलीकॉम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और प्रवेश मानदंडों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि कड़ी निगरानी से घरेलू खिलाड़ियों का विश्वास पुनः स्थापित हो सकता है और देश भर में सेवाओं के विस्तार के साथ एक समान प्रतिस्पर्धात्मक माहौल सुनिश्चित किया जा सकेगा।
इन कंपनियों के अनुसार, इस तरह के कार्यों से GFGNL को अनुचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सकता है, जिससे बाजार में असमानता पैदा होगी और छोटे ऑपरेटरों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने नियामक से जांच का अनुरोध किया है और सुधारात्मक कदमों की मांग की है।
यह मुद्दा अन्य हितधारकों का भी ध्यान आकर्षित कर रहा है, जिसमें बीएसएनएल ने वर्तमान टेलीकॉम माहौल में प्रतिबंधात्मक शर्तों को उजागर किया है। जबकि बीएसएनएल की चिंताएँ अलग हैं, वे नीति कार्यान्वयन और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा से जुड़ी व्यापक चुनौतियों को दर्शाती हैं।
वर्तमान में नियामक प्राधिकरण ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर स्रोतों के अनुसार GFGNL की अनुपालन स्थिति की समीक्षा चल रही हो सकती है। इस जांच के परिणाम से भारत के टेलीकॉम क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास और प्रवेश मानदंडों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि कड़ी निगरानी से घरेलू खिलाड़ियों का विश्वास पुनः स्थापित हो सकता है और देश भर में सेवाओं के विस्तार के साथ एक समान प्रतिस्पर्धात्मक माहौल सुनिश्चित किया जा सकेगा।