🔥 ट्रेंडिंग ‘रामायण: राइज ऑफ़ अ लेजेंड’ – सबसे महँ... अंबाला कैंट के लाल कुर्ती बाजार में हो... भाजपा ने एल.के. अडवाणी के 100वें वर्ष... उपभोक्ता आयोग ने रेलवे, IRCTC को ₹15,6... गोवा के मंड्रेम बीच पर व्हेल फँसी, सुर... ख्वैरामबंद में चक्कौबा महोत्सव में भार...
09 नव. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
दीवाली पूजा में डिजिटल बदलाव, बही‑खाता से iPad तक
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Holdcaulfield1951
धर्म

दीवाली पूजा में डिजिटल बदलाव, बही‑खाता से iPad तक

✍️ Tripuratimes 🗓 09 नव. 2026, 12:16 AM 👁 21
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

भक्त और पुजारी अब दीवाली के अनुष्ठान के लिए टैबलेट व ऐप्स का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बही‑खाता से डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की ओर बदलाव स्पष्ट है।

मंदिरों और घरों में बही‑खाता में पूजा खर्च दर्ज करने की पुरानी प्रथा अब टैबलेट और मोबाइल ऐप्स से बदल रही है। कई पुजारी अब iPad का उपयोग करके भजन के बोल दिखाते हैं, दान का प्रबंधन करते हैं और भक्तों को रीयल‑टाइम में अनुष्ठान की मार्गदर्शन देते हैं। यह प्रवृत्ति धार्मिक अनुष्ठानों में तकनीक की बढ़ती स्वीकृति को दर्शाती है, विशेषकर युवा उपासकों में जो डिजिटल रिकॉर्ड की सुविधा पसंद करते हैं।

धार्मिक सॉफ़्टवेयर विक्रेताओं ने त्यौहार से पहले पूजा‑विशिष्ट ऐप्स के डाउनलोड में उछाल बताया है, जिसमें वर्चुअल आरती, ई‑प्रसाद ऑर्डर और QR‑कोड आधारित दान पोर्टल जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। ये उपकरण बड़े‑पैमाने पर उत्सव की व्यवस्था को सरल बनाते हुए अनुष्ठानों की पवित्रता को बनाए रखने का लक्ष्य रखते हैं।

जहाँ कुछ पारंपरिक लोग अत्यधिक तकनीक पर निर्भरता के खिलाफ चेतावनी देते हैं, वहीं कई सामुदायिक नेता मानते हैं कि डिजिटलरण पारदर्शिता और पहुँच को बढ़ाता है, जिससे भक्त दूर से भी भाग ले सकते हैं और योगदान को सुरक्षित रूप से ट्रैक कर सकते हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि भारत की सांस्कृतिक प्रथाएँ तेज़ तकनीकी अपनाने के साथ निरंतर विकसित हो रही हैं।
📲Get App