📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
स्थानीय
डिवाइन पंथौ ने मांगी यांग्गोई सागोल की सुरक्षा
✍️ India Today NE
🗓 08 नव. 2026, 12:16 PM
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सांस्कृतिक कार्यकर्ता डिवाइन पंथौ ने मनिपाल के यांग्गोई सागोल को जीवित धरोहर के रूप में संरक्षित करने की तात्कालिक मांग की है।
मनिपाल की सांस्कृतिक धरोहर पर ध्यान आकर्षित हुआ है जब प्रसिद्ध पारम्परिक कार्यकर्ता डिवाइन पंथौ ने यांग्गोई सागोल की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक अपील की। इसे राज्य की जीवित धरोहर बताया गया है, जो स्थानीय समुदायों के लिए प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक महत्व रखती है।
पंथौ ने जारी बयान में बताया कि अनियंत्रित पर्यावरणीय और विकासात्मक दबाव इस धरोहर की निरंतरता को खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने राज्य प्राधिकरण, सांस्कृतिक संस्थानों और जनता से दस्तावेज़ीकरण, आवास संरक्षण और सामुदायिक प्रबंधन जैसे संरक्षण उपायों में सहयोग करने का आग्रह किया।
यह अपील उस समय आई है जब पूर्वोत्तर के कई पारम्परिक प्रथाएँ आधुनिकीकरण के कारण क्षीण हो रही हैं। पंथौ का संदेश नीति समर्थन और जमीनी स्तर की भागीदारी की आवश्यकता को रेखांकित करता है, ताकि यांग्गोई सागोल मनिपाल की सांस्कृतिक पहचान का जीवंत हिस्सा बना रहे।
स्थानीय अधिकारियों ने इस चिंता को स्वीकार किया है और मौजूदा संरक्षण ढाँचों की समीक्षा का वचन दिया है। आगामी विभागीय बैठकों में ठोस कदमों की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।
यह अपील क्षेत्र में अमूर्त सांस्कृतिक संपत्तियों की सुरक्षा के बढ़ते आंदोलन को उजागर करती है, और यांग्गोई सागोल को मनिपाल में धरोहर संरक्षण प्रयासों का प्रमुख बिंदु बनाती है।
पंथौ ने जारी बयान में बताया कि अनियंत्रित पर्यावरणीय और विकासात्मक दबाव इस धरोहर की निरंतरता को खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने राज्य प्राधिकरण, सांस्कृतिक संस्थानों और जनता से दस्तावेज़ीकरण, आवास संरक्षण और सामुदायिक प्रबंधन जैसे संरक्षण उपायों में सहयोग करने का आग्रह किया।
यह अपील उस समय आई है जब पूर्वोत्तर के कई पारम्परिक प्रथाएँ आधुनिकीकरण के कारण क्षीण हो रही हैं। पंथौ का संदेश नीति समर्थन और जमीनी स्तर की भागीदारी की आवश्यकता को रेखांकित करता है, ताकि यांग्गोई सागोल मनिपाल की सांस्कृतिक पहचान का जीवंत हिस्सा बना रहे।
स्थानीय अधिकारियों ने इस चिंता को स्वीकार किया है और मौजूदा संरक्षण ढाँचों की समीक्षा का वचन दिया है। आगामी विभागीय बैठकों में ठोस कदमों की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।
यह अपील क्षेत्र में अमूर्त सांस्कृतिक संपत्तियों की सुरक्षा के बढ़ते आंदोलन को उजागर करती है, और यांग्गोई सागोल को मनिपाल में धरोहर संरक्षण प्रयासों का प्रमुख बिंदु बनाती है।