📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / AjayDas
धर्म
दिब्रुगड़ में द्रौपदी पूजा पंडाल ने बागान विरासत को जीवित किया
✍️ Hub News
🗓 18 अक्टू. 2026, 06:02 PM
👁 22
दिब्रुगड़ के द्रौपदी पूजा पंडाल ने असम के चाय बागानों की याद दिलाते हुए पारंपरिक शिल्प और स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया।
दिब्रुगड़ में इस वर्ष स्थापित द्रौपदी पूजा पंडाल ने असम के चाय बागानों की दुनिया को दर्शकों के सामने पेश किया, जिसमें सजावट में चाय की पत्तियाँ, बर्तन और चाय बागान के कामगारों के परिधानों का उपयोग किया गया।\n\nआसपास के चाय बागानों के कारीगरों ने हाथ से बुने हुए कपड़े, बांस के शिल्प और पारंपरिक मिठाइयाँ प्रदर्शित कीं, जिससे भक्तगण देवी दुर्गा की पूजा के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव कर सके।\n\nपंडाल के प्रबंधन ने दिब्रुगड़ नगर निगम के साथ मिलकर असम में चाय उत्पादन के सामाजिक-आर्थिक महत्व को उजागर करने का लक्ष्य रखा, जिससे यह त्योहार केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक प्रदर्शन भी बन गया।\n\nउपस्थितियों की संख्या अधिक रही, आस-पास के जिलों के लोग इस अनोखे संयोजन को देखने आए। इस कार्यक्रम से पर्यटन में वृद्धि और राज्य की अर्थव्यवस्था में चाय उद्योग की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।