📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Srikar Kashyap
मनोरंजन
धुरंधर फंड से सिनेमा में लेज़र और 3डी स्क्रीन का बड़ा बदलाव
✍️ Bollywood Hungama
🗓 08 नव. 2026, 04:37 AM
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‘धुरंधर मनी’ के नाम से चल रहे फंड से भारत भर के सिनेमाघरों में लेज़र प्रोजेक्शन, 3डी तकनीक और प्रीमियम स्क्रीन स्थापित हो रही हैं।
‘धुरंधर मनी’ नामक एक फंड को देश भर के सिनेमाघरों के आधुनिकीकरण के लिए उपयोग किया जा रहा है। इस फंड से लेज़र प्रोजेक्शन, उन्नत 3डी तकनीक और प्रीमियम स्क्रीन स्थापित करने की योजना है।
यह सुधार कार्यक्रम मल्टीप्लेक्स से लेकर सिंगल‑स्क्रीन थियेटर तक सभी प्रकार के सिनेमाघरों को लक्षित करता है, जिससे भारतीय दर्शकों को विश्व स्तर की तकनीक का अनुभव हो सके। नई प्रणाली तेज़ इमेज, बेहतर कॉन्ट्रास्ट और इमर्सिव साउंड प्रदान करेगी, जिससे देखने का अनुभव और भी आकर्षक बन जाएगा।
विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के निवेश से सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ सकती है, विशेषकर जब स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म की प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है। जबकि इस पहल के विस्तार का सटीक आकार अभी स्पष्ट नहीं है, यह भारतीय फिल्म प्रदर्शनी क्षेत्र को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संबंधित पक्षों ने कहा है कि यह अपग्रेड पारंपरिक सिनेमा अनुभव को भविष्य‑सुरक्षित बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिससे भारत के विभिन्न वर्गों के दर्शकों के लिए थियेटर में फिल्म देखना एक स्थायी विकल्प बना रहे।
यह सुधार कार्यक्रम मल्टीप्लेक्स से लेकर सिंगल‑स्क्रीन थियेटर तक सभी प्रकार के सिनेमाघरों को लक्षित करता है, जिससे भारतीय दर्शकों को विश्व स्तर की तकनीक का अनुभव हो सके। नई प्रणाली तेज़ इमेज, बेहतर कॉन्ट्रास्ट और इमर्सिव साउंड प्रदान करेगी, जिससे देखने का अनुभव और भी आकर्षक बन जाएगा।
विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के निवेश से सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ सकती है, विशेषकर जब स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म की प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है। जबकि इस पहल के विस्तार का सटीक आकार अभी स्पष्ट नहीं है, यह भारतीय फिल्म प्रदर्शनी क्षेत्र को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संबंधित पक्षों ने कहा है कि यह अपग्रेड पारंपरिक सिनेमा अनुभव को भविष्य‑सुरक्षित बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिससे भारत के विभिन्न वर्गों के दर्शकों के लिए थियेटर में फिल्म देखना एक स्थायी विकल्प बना रहे।