📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / User:Swapnil Sakhare
धर्म
लुधियाना में सतलुज नहर में गणपति विसर्जन, श्रद्धालुओं ने किया जल में डुबोना
✍️ Amar Ujala · Ludhiana
🗓 24 सित. 2026, 09:16 PM
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सतलुज नहर के किनारे लुधियाना में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गणपति विसर्जन समारोह किया।
लुधियाना में सतलुज नहर के किनारे श्रद्धालुओं ने गणपति विसर्जन किया, जिससे शहर में गणेश चतुर्थी के उत्सव का समापन हुआ। सैकड़ों लोगों ने पंडाल से मूर्ति को जल में उतारते हुए भजन‑कीर्तन और मंत्रोच्चार किया।
स्थानीय पुलिस और मंदिर समितियों ने भीड़ को नियंत्रित करने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्राथमिक चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सहयोग किया। स्वयंसेवकों ने लोगों को मार्गदर्शन दिया, व्यवस्था बनाए रखी और विसर्जन के बाद सफाई कार्य किया।
गणपति विसर्जन भारत भर में दस दिन की पूजा‑पाठ के बाद नदियों, तालाबों या नहरों में किया जाता है, जो देवता के दिव्य क्षेत्र में लौटने का प्रतीक है। पंजाब में अधिकारियों ने पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिये पर्यावरण‑मित्र सामग्री से बनी मूर्तियों के प्रयोग की अपील की है।
विसर्जन के दौरान कोई दुर्घटना नहीं हुई और सतलुज नहर सामान्य प्रवाह में वापस आ गई।
स्थानीय पुलिस और मंदिर समितियों ने भीड़ को नियंत्रित करने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्राथमिक चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सहयोग किया। स्वयंसेवकों ने लोगों को मार्गदर्शन दिया, व्यवस्था बनाए रखी और विसर्जन के बाद सफाई कार्य किया।
गणपति विसर्जन भारत भर में दस दिन की पूजा‑पाठ के बाद नदियों, तालाबों या नहरों में किया जाता है, जो देवता के दिव्य क्षेत्र में लौटने का प्रतीक है। पंजाब में अधिकारियों ने पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिये पर्यावरण‑मित्र सामग्री से बनी मूर्तियों के प्रयोग की अपील की है।
विसर्जन के दौरान कोई दुर्घटना नहीं हुई और सतलुज नहर सामान्य प्रवाह में वापस आ गई।