📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Faridkot Post
धर्म
फरीदकोट में श्रद्धा से मनाई गई जन्माष्टमी
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 05 सित. 2026, 06:03 PM
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पंजाब के फरीदकोट में निवासियों ने मंगलवार को पारंपरिक विधियों और सामूहिक प्रार्थनाओं के साथ जन्माष्टमी मनाई।
पंजाब के मलवा क्षेत्र के फरीदकोट ने मंगलवार को जन्माष्टमी के पावन अवसर को कई धार्मिक कार्यक्रमों के साथ मनाया। मुख्य मंदिरों ने सुबह ही द्वार खोल कर भक्तों को भगवान कृष्ण की आरती में भाग लेने का आमंत्रण दिया।
उत्सव में भजन‑कीर्तन, प्रसाद का वितरण और दही हांडी तोड़ने की परम्परा को बड़े उत्साह के साथ निभाया गया। बच्चों ने रंग‑बिरंगी हांडी को तोड़ते हुए माहौल को और जीवंत बना दिया। मंदिर के आसपास की सड़कों पर रंगोली और फूलों की माला से सजावट की गई, जिससे उत्सव में चार चाँद लग गए।
स्थानीय लोग बड़े समूह में मंदिर के प्रांगण में इकट्ठा होकर भागवत पुराण के पाठ सुनते रहे। इस दौरान कोई असामान्य घटना नहीं हुई, जिससे फरीदकोट में इस पावन दिन की शांति और श्रद्धा स्पष्ट हुई।
नगर पालिका के सदस्य सहित स्थानीय अधिकारियों ने कार्यक्रम की सुगम व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने में स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की।
जन्माष्टमी का यह आयोजन पंजाब में सांस्कृतिक एकता और परम्परागत रीति‑रिवाजों के निरंतर पालन को दर्शाता है।
उत्सव में भजन‑कीर्तन, प्रसाद का वितरण और दही हांडी तोड़ने की परम्परा को बड़े उत्साह के साथ निभाया गया। बच्चों ने रंग‑बिरंगी हांडी को तोड़ते हुए माहौल को और जीवंत बना दिया। मंदिर के आसपास की सड़कों पर रंगोली और फूलों की माला से सजावट की गई, जिससे उत्सव में चार चाँद लग गए।
स्थानीय लोग बड़े समूह में मंदिर के प्रांगण में इकट्ठा होकर भागवत पुराण के पाठ सुनते रहे। इस दौरान कोई असामान्य घटना नहीं हुई, जिससे फरीदकोट में इस पावन दिन की शांति और श्रद्धा स्पष्ट हुई।
नगर पालिका के सदस्य सहित स्थानीय अधिकारियों ने कार्यक्रम की सुगम व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने में स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की।
जन्माष्टमी का यह आयोजन पंजाब में सांस्कृतिक एकता और परम्परागत रीति‑रिवाजों के निरंतर पालन को दर्शाता है।