📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Matti Blume
ऑटोमोबाइल
उपमुख्यमंत्री फडनवीस ने खोला हुंडई का नया पुणे प्लांट, 2030 तक उत्पादन 3.2 लाख यूनिट
✍️ Mid-Day
🗓 15 अक्टू. 2026, 06:45 AM
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने पुणे में हुंडई मोटर इंडिया के नए कारखाने का उद्घाटन किया, जो 2030 तक वार्षिक उत्पादन 3.2 लाख वाहनों तक बढ़ाने की योजना है।
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने गुरुवार को पुणे में हुंडई मोटर इंडिया के नवीनतम कारखाने का औपचारिक उद्घाटन किया, जिससे राज्य में कोरियन ऑटोमेकर की उत्पादन क्षमता में बड़ा विस्तार हुआ। इस समारोह में हुंडई के वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य के प्रतिनिधियों ने कंपनी की घरेलू उत्पादन को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
नए प्लांट को 2030 तक वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.2 लाख यूनिट तक बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है, जो वर्तमान आउटपुट से काफी अधिक है। जबकि कारखाना पहले ही कार्यरत है, पूरी क्षमता का विस्तार अगले कई वर्षों में अतिरिक्त उत्पादन लाइनों के जोड़ने से होगा।
हुंडई के इस निवेश से पुणे क्षेत्र में सीधे और परोक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जिससे ऑटो पार्ट्स निर्माताओं और सहायक सेवा प्रदाताओं की आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिलेगी। उद्योग विशेषज्ञ इस विस्तार को भारत के ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत मानते हैं, जो सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ एजेंडे के साथ मेल खाता है।
कंपनी ने इस प्लांट में लगाए गए सटीक वित्तीय निवेश का खुलासा नहीं किया, पर यह कदम भारत के बढ़ते उपभोक्ता बाजार और वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में उसकी रणनीतिक महत्ता में हुंडई के भरोसे को दर्शाता है।
2030 तक निर्धारित क्षमता लक्ष्य के साथ, हुंडई भारतीय कार बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और राज्य के औद्योगिक विकास लक्ष्यों में योगदान देने की दिशा में काम कर रहा है।
नए प्लांट को 2030 तक वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.2 लाख यूनिट तक बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है, जो वर्तमान आउटपुट से काफी अधिक है। जबकि कारखाना पहले ही कार्यरत है, पूरी क्षमता का विस्तार अगले कई वर्षों में अतिरिक्त उत्पादन लाइनों के जोड़ने से होगा।
हुंडई के इस निवेश से पुणे क्षेत्र में सीधे और परोक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जिससे ऑटो पार्ट्स निर्माताओं और सहायक सेवा प्रदाताओं की आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिलेगी। उद्योग विशेषज्ञ इस विस्तार को भारत के ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत मानते हैं, जो सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ एजेंडे के साथ मेल खाता है।
कंपनी ने इस प्लांट में लगाए गए सटीक वित्तीय निवेश का खुलासा नहीं किया, पर यह कदम भारत के बढ़ते उपभोक्ता बाजार और वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में उसकी रणनीतिक महत्ता में हुंडई के भरोसे को दर्शाता है।
2030 तक निर्धारित क्षमता लक्ष्य के साथ, हुंडई भारतीय कार बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और राज्य के औद्योगिक विकास लक्ष्यों में योगदान देने की दिशा में काम कर रहा है।