🔥 ट्रेंडिंग भारत ने जापान को 3-0 से हराया, एशियन ग... बॉंगाल की गहरी डिप्रेशन ने दक्षिण ओडिश... नेपाल में 24‑27 सितंबर तक भारी बारिश क... दिल्ली में सूखे की संभावना, कई राज्यों... हायर ने लॉन्च किया M70 मिनी LED टीवी श... भारत बनाम जापान टी20I: लाइव स्ट्रीम, ट...
23 सित. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
उपमुख्यमंत्री चोवना मेन का कहना है, अरुणाचल की जलविद्युत क्षमता से भारत का स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन संभव
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
विज्ञान

उपमुख्यमंत्री चोवना मेन का कहना है, अरुणाचल की जलविद्युत क्षमता से भारत का स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन संभव

✍️ News On AIR 🗓 23 सित. 2026, 05:32 AM 👁 13
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

उपमुख्यमंत्री चोवना मेन ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की अपार जलविद्युत क्षमता भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उपमुख्यमंत्री चोवना मेन ने पत्रकारों को बताया कि अरुणाचल प्रदेश में बड़ी मात्रा में अभी तक न छुए हुए जलविद्युत संसाधन मौजूद हैं, जिन्हें भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की तीव्र नदी प्रवाह और प्रचुर वर्षा इसे बड़े पैमाने पर जलविद्युत परियोजनाओं के लिए अनुकूल बनाते हैं।

यह बयान भारत के स्वच्छ‑ऊर्जा रोडमैप के तेज़ी से आगे बढ़ने के बीच आया है, जहाँ 2030 तक गैर‑फॉसिल क्षमता को 500 गीगावॉट तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। अरुणाचल की जलविद्युत क्षमता का उपयोग कोयला पर निर्भरता कम कर पेरिस समझौते के तहत उत्सर्जन‑कम करने के प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद कर सकता है।

विशिष्ट परियोजना विवरण नहीं बताए गए, पर उपमुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और निजी निवेशकों से स्पष्टता और वित्तीय व्यवस्था को तेज़ करने का आग्रह किया। उन्होंने स्थानीय समुदायों की भागीदारी की भी मांग की, ताकि विकास के साथ स्थानीय आजीविका की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

विश्लेषकों का मानना है कि राज्य की जलविद्युत क्षमता को खोलने के लिए दूरस्थ पहाड़ी इलाकों में लॉजिस्टिक चुनौतियों को सुलझाना और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक होगा। फिर भी, अधिकारियों ने इसे क्षेत्रीय आर्थिक विकास और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक मुख्य स्तम्भ माना है।

इन टिप्पणियों से स्पष्ट होता है कि हिमालयी राज्यों की प्राकृतिक संपदा को देश के हरित भविष्य को ऊर्जा प्रदान करने के लिए रणनीतिक रूप से उपयोग करने की दिशा में एक बदलाव आया है।
📲Get App