📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prami.ap90
मौसम
दिल्ली में सितंबर का AQI 2022 के बाद सबसे कम, CAQM डेटा बताता
✍️ Hindustan Times
🗓 02 अक्टू. 2026, 03:38 AM
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सेंट्रलाइज़्ड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग (CAQM) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली ने सितंबर में 2022 के बाद से सबसे कम AQI दर्ज किया, जिससे वायु स्थिति में सुधार दिखता है।
सेंट्रलाइज़्ड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग (CAQM) नेटवर्क ने सोमवार को डेटा जारी किया, जिसमें बताया गया कि दिल्ली का सितंबर माह का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 2022 के बाद से सबसे कम दर्ज हुआ है। राजधानी के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों से एकत्रित यह आंकड़ा पिछले वर्षों के समान माह की तुलना में स्पष्ट गिरावट दर्शाता है।
विश्लेषकों का कहना है कि सितंबर आमतौर पर मॉनसून के बाद के मौसम के कारण मध्यम प्रदूषण स्तर रखता है, इसलिए इस गिरावट को महत्वपूर्ण माना गया है। हालांकि इस संक्षिप्त रिपोर्ट में सटीक AQI मान नहीं बताया गया, लेकिन प्रवृत्ति वायु की समग्र गुणवत्ता में सुधार का संकेत देती है।
CAQM, जो PM2.5, PM10, NO₂ और ओज़ोन जैसे प्रदूषकों को निरंतर ट्रैक करता है, ने कहा कि वर्तमान पढ़ाई शहर‑व्यापी सुधार को दर्शाती है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की पर्यावरणीय एजेंसियों ने जनता से इस गति को बनाए रखने का आग्रह किया है, यह रेखांकित करते हुए कि सतत निगरानी दिल्ली की हवा को साफ़ रखने के लिए आवश्यक नीति‑निर्धारण में मदद करेगी।
यह डेटा मासिक रिपोर्टों में शामिल किया जाएगा, जो ट्रैफ़िक प्रबंधन, औद्योगिक उत्सर्जन और हरित पहल जैसे क्षेत्रों में निर्णय‑लेने में मार्गदर्शन करेगा।
विश्लेषकों का कहना है कि सितंबर आमतौर पर मॉनसून के बाद के मौसम के कारण मध्यम प्रदूषण स्तर रखता है, इसलिए इस गिरावट को महत्वपूर्ण माना गया है। हालांकि इस संक्षिप्त रिपोर्ट में सटीक AQI मान नहीं बताया गया, लेकिन प्रवृत्ति वायु की समग्र गुणवत्ता में सुधार का संकेत देती है।
CAQM, जो PM2.5, PM10, NO₂ और ओज़ोन जैसे प्रदूषकों को निरंतर ट्रैक करता है, ने कहा कि वर्तमान पढ़ाई शहर‑व्यापी सुधार को दर्शाती है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की पर्यावरणीय एजेंसियों ने जनता से इस गति को बनाए रखने का आग्रह किया है, यह रेखांकित करते हुए कि सतत निगरानी दिल्ली की हवा को साफ़ रखने के लिए आवश्यक नीति‑निर्धारण में मदद करेगी।
यह डेटा मासिक रिपोर्टों में शामिल किया जाएगा, जो ट्रैफ़िक प्रबंधन, औद्योगिक उत्सर्जन और हरित पहल जैसे क्षेत्रों में निर्णय‑लेने में मार्गदर्शन करेगा।