📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / A.Savin
राजनीति
दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी ने केजरीवाल के खिलाफ बंगला साहिब वीडियो मामले में पुलिस शिकायत दर्ज की
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 12 अक्टू. 2026, 05:01 AM
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अरविंद केजरीवाल और आप नेताओं पर बंगला साहिब गुरुद्वारे में भ्रामक वीडियो प्रसारित करने और हंगामा करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज की।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने अरविंद केजरीवाल और आप पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर बंगला साहिब गुरुद्वारे में भ्रामक वीडियो प्रसारित करने का आरोप लगाया है। कमेटी का कहना है कि वह वीडियो स्थल पर हंगामे का झूठा चित्रण करता है, जिससे गुरुद्वारे की पवित्रता को नुकसान पहुंचा सकता है।
शिकायत में कहा गया है कि उक्त वीडियो ने ऐसी स्थिति पेश की है जो वास्तविकता में नहीं हुई, जिससे उपासकों में असहजता और भ्रम उत्पन्न हो सकता है। डीएसजीएमसी ने इस मामले की पूरी जांच की मांग की है, ताकि वीडियो के स्रोत की पहचान कर जिम्मेदार व्यक्तियों को क़ानूनी कार्रवाई के तहत लाया जा सके।
यह कदम दिल्ली में राजनीतिक माहौल के बीच आया है, जहाँ शासक आप सरकार अक्सर धार्मिक समुदायों के साथ सार्वजनिक व्यवस्था और धरोहर संरक्षण के मुद्दों पर संवाद करती है। वीडियो की सामग्री या आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में अभी तक कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है।
पुलिस ने अभी तक इस शिकायत पर कोई टिप्पणी नहीं की है, और मामला भारतीय दंड संहिता की उन धाराों के तहत जांचा जाएगा जो मानहानि और झूठी जानकारी के प्रसार से संबंधित हैं।
शिकायत में कहा गया है कि उक्त वीडियो ने ऐसी स्थिति पेश की है जो वास्तविकता में नहीं हुई, जिससे उपासकों में असहजता और भ्रम उत्पन्न हो सकता है। डीएसजीएमसी ने इस मामले की पूरी जांच की मांग की है, ताकि वीडियो के स्रोत की पहचान कर जिम्मेदार व्यक्तियों को क़ानूनी कार्रवाई के तहत लाया जा सके।
यह कदम दिल्ली में राजनीतिक माहौल के बीच आया है, जहाँ शासक आप सरकार अक्सर धार्मिक समुदायों के साथ सार्वजनिक व्यवस्था और धरोहर संरक्षण के मुद्दों पर संवाद करती है। वीडियो की सामग्री या आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में अभी तक कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है।
पुलिस ने अभी तक इस शिकायत पर कोई टिप्पणी नहीं की है, और मामला भारतीय दंड संहिता की उन धाराों के तहत जांचा जाएगा जो मानहानि और झूठी जानकारी के प्रसार से संबंधित हैं।