📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Goutam1962
स्थानीय
दिल्ली में पटाखा प्रतिबंध तोड़ते हुए दिवाली के पटाखे रात 12 बजे तक जलते रहे
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 09 नव. 2026, 12:15 AM
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दिवाली की रात 10 बजे के बाद पटाखा प्रतिबंध के बावजूद, दिल्ली के कई निवासी रात 12 बजे तक पटाखे जलाते रहे, जिससे पुलिस ने जारी रखी हुई ध्वनि‑प्रकाश की रिपोर्ट की।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिवाली की रात 10 बजे के बाद भी कई निवासियों ने पटाखे जलाते रहने का नियम तोड़ दिया। प्रतिबंध के बावजूद, कई मोहल्लों में लोग मध्यरात्रि तक ध्वनि‑प्रकाश के साथ जश्न मनाते रहे।
गवाहों और अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के लगातार पटाखे शहर में शोर और वायु‑गुणवत्ता दोनों में वृद्धि का कारण बन रहे हैं। प्रवर्तन दलों ने सड़कों पर गश्त करते हुए उल्लंघनों को दर्ज किया और जनता को दीर्घकालिक पटाखा उपयोग के स्वास्थ्य‑सुरक्षा जोखिमों की याद दिलाई।
प्राधिकरण ने पहले भी चेतावनी दी थी कि बार‑बार उल्लंघन करने पर कड़ी सजा हो सकती है, परन्तु जश्न के बढ़ते माहौल में अनुपालन कम रहा। यह घटना राजधानी में सांस्कृतिक उत्सव और पर्यावरणीय एवं सार्वजनिक व्यवस्था के नियमों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करती है।
शहर के नगरपालिका निकाय इस घटना की समीक्षा करेंगे और भविष्य के त्यौहारों में पटाखा प्रतिबंध के बेहतर पालन के लिए अतिरिक्त कदमों पर विचार करेंगे।
गवाहों और अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के लगातार पटाखे शहर में शोर और वायु‑गुणवत्ता दोनों में वृद्धि का कारण बन रहे हैं। प्रवर्तन दलों ने सड़कों पर गश्त करते हुए उल्लंघनों को दर्ज किया और जनता को दीर्घकालिक पटाखा उपयोग के स्वास्थ्य‑सुरक्षा जोखिमों की याद दिलाई।
प्राधिकरण ने पहले भी चेतावनी दी थी कि बार‑बार उल्लंघन करने पर कड़ी सजा हो सकती है, परन्तु जश्न के बढ़ते माहौल में अनुपालन कम रहा। यह घटना राजधानी में सांस्कृतिक उत्सव और पर्यावरणीय एवं सार्वजनिक व्यवस्था के नियमों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करती है।
शहर के नगरपालिका निकाय इस घटना की समीक्षा करेंगे और भविष्य के त्यौहारों में पटाखा प्रतिबंध के बेहतर पालन के लिए अतिरिक्त कदमों पर विचार करेंगे।