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15 सित. 2026
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दुष्कर्म पीड़िता को मातृत्व की जिम्मेदारी थोपना, अधिकारों का उल्लंघन
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
अपराध

दुष्कर्म पीड़िता को मातृत्व की जिम्मेदारी थोपना, अधिकारों का उल्लंघन

✍️ Amar Ujala · Delhi 🗓 15 सित. 2026, 09:01 PM 👁 10
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एक दिल्ली अदालत के मामले में दुष्कर्म पीड़िता पर मातृत्व की जिम्मेदारी थोपने का आरोप है, जिसे उसकी गरिमा के अधिकार का उल्लंघन माना गया है।

एक दिल्ली अदालत के मामले में दुष्कर्म पीड़िता पर मातृत्व की जिम्मेदारी थोपने का आरोप है, जिसे उसकी गरिमा के अधिकार का उल्लंघन माना गया है। पीड़िता की पहचान गोपनीय है, परंतु रिपोर्टों के अनुसार परिवार और समाज के सदस्यों ने उसे एक बच्चे को गोद लेने या बच्चे पैदा करने के लिए प्रेरित किया, ताकि उसकी ‘सम्मान’ बहाल हो सके। मानवाधिकार कार्यकर्ता इस दबाव को शारीरिक स्वायत्तता पर आक्रमण और मनोवैज्ञानिक दुरुपयोग के रूप में निंदा कर रहे हैं। इस घटना ने भारत में लैंगिक हिंसा के बचे हुए लोगों के प्रति व्यवहार पर चर्चा को फिर से प्रज्वलित किया है, और मजबूत कानूनी सुरक्षा और समर्थन प्रणालियों की आवश्यकता पर बल दिया है। दिल्ली के अधिकारियों ने एक विस्तृत जांच का वादा किया है और उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है जिन्होंने पीड़िता पर यह दबाव डाला।
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