📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh Lalwani
बिज़नेस
दिल्ली रैली ने रेहड़ी‑पटरी वालों की बिक्री बढ़ाई, दुकानों में सन्नाटा
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 03 नव. 2026, 04:31 AM
👁 26
रैली के बाद रेहड़ी‑पटरी वालों ने संतरे का रस और दूध वाली चाय की तेज़ बिक्री की, जबकि कई दुकानों में ग्राहक कम रहे।
दिल्ली में हुई रैली समाप्त होने के बाद सड़कों से भीड़ छंटने लगी, पर स्थानीय व्यापार पर इसका असर अलग‑अलग रहा।
कुछ रेहड़ी‑पटरी वाले अपने दिन को सफल बताते हैं; एक विक्रेता ने पूरे दिन लगभग 200 किलोग्राम संतरे का रस बेचा, जबकि दूसरे ने 20 लीटर तक की दूध वाली चाय की बिक्री की।
दूसरी ओर कई दुकान मालिकों ने बताया कि रैली के बाद उनके पास ग्राहक बहुत कम आए, जिससे दुकान में सन्नाटा छा गया। यह दर्शाता है कि बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम मोबाइल विक्रेताओं को लाभ पहुंचाते हैं, जबकि स्थायी दुकानों को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
संक्षेप में, रैली ने रेहड़ी‑पटरी वालों को बंपर कमाई दिलाई, पर कई दुकानों के लिए आर्थिक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
कुछ रेहड़ी‑पटरी वाले अपने दिन को सफल बताते हैं; एक विक्रेता ने पूरे दिन लगभग 200 किलोग्राम संतरे का रस बेचा, जबकि दूसरे ने 20 लीटर तक की दूध वाली चाय की बिक्री की।
दूसरी ओर कई दुकान मालिकों ने बताया कि रैली के बाद उनके पास ग्राहक बहुत कम आए, जिससे दुकान में सन्नाटा छा गया। यह दर्शाता है कि बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम मोबाइल विक्रेताओं को लाभ पहुंचाते हैं, जबकि स्थायी दुकानों को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
संक्षेप में, रैली ने रेहड़ी‑पटरी वालों को बंपर कमाई दिलाई, पर कई दुकानों के लिए आर्थिक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।