📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Osparagus
राजनीति
दिल्ली विरोध: सीजेपी नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाई गई
✍️ The Hindu
🗓 20 अक्टू. 2026, 06:13 AM
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दिल्ली की अदालत ने सीजेपी के दो नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ा दी, जो विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार हुए थे।
दिल्ली की अदालत ने मंगलवार को सीजेपी (Confederation of Joint Parties) के दो नेताओं की न्यायिक हिरासत दो अतिरिक्त दिनों के लिए बढ़ा दी। ये नेता पिछले हफ्ते हुए विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के बाद गिरफ्तार हुए थे, जिसमें सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ गई थी।
जज ने कहा कि जांच के आगे के चरणों को पूरा करने और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक है। दोनों नेताओं को इस विस्तार अवधि के अंत तक हिरासत में रखा जाएगा, जिसके बाद वे जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जांच जारी रहने और सबूतों की संभावित छेड़छाड़ को रोकने के लिए न्यायिक हिरासत का विस्तार सामान्य प्रक्रिया है। अगला सुनवाई का सत्र अगले सप्ताह निर्धारित किया गया है।
सीजेपी, जो कई क्षेत्रीय पार्टियों का गठबंधन है, ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक उत्पीड़न कहा और दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। जबकि अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन ने सार्वजनिक व्यवस्था के नियमों का उल्लंघन किया, जिससे गिरफ्तारियां हुईं।
विस्तारित हिरासत अवधि समाप्त होने के निकट है, और अदालत यह तय करेगी कि नेताओं को जमानत दी जाए या अतिरिक्त हिरासत में रखा जाए।
जज ने कहा कि जांच के आगे के चरणों को पूरा करने और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक है। दोनों नेताओं को इस विस्तार अवधि के अंत तक हिरासत में रखा जाएगा, जिसके बाद वे जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जांच जारी रहने और सबूतों की संभावित छेड़छाड़ को रोकने के लिए न्यायिक हिरासत का विस्तार सामान्य प्रक्रिया है। अगला सुनवाई का सत्र अगले सप्ताह निर्धारित किया गया है।
सीजेपी, जो कई क्षेत्रीय पार्टियों का गठबंधन है, ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक उत्पीड़न कहा और दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है। जबकि अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन ने सार्वजनिक व्यवस्था के नियमों का उल्लंघन किया, जिससे गिरफ्तारियां हुईं।
विस्तारित हिरासत अवधि समाप्त होने के निकट है, और अदालत यह तय करेगी कि नेताओं को जमानत दी जाए या अतिरिक्त हिरासत में रखा जाए।