📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit2301
स्वास्थ्य
दिल्ली‑एनसीआर से बनेगा भारत का 2030 रोबोटिक सर्जरी रोडमैप
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 03 अक्टू. 2026, 08:32 PM
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भारत में 2030 तक रोबोटिक सर्जरी का विस्तार करने के लिए तैयार किया गया रोडमैप, दिल्ली‑एनसीआर को प्रमुख भूमिका में रखता है।
एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें 2030 तक भारत में रोबोटिक सर्जरी के विस्तार की रूपरेखा दी गई है, यह जानकारी हाल ही में प्रकाशित वीडियो में दी गई। इस योजना में दिल्ली‑एनसीआर को राष्ट्रीय स्तर पर रोबोटिक सर्जरी को अपनाने और बढ़ाने का प्रमुख केंद्र बनाया गया है।
रोडमैप में अस्पतालों में बुनियादी ढाँचा बढ़ाना, सर्जनों को विशेष प्रशिक्षण देना और सार्वजनिक‑निजी दोनों क्षेत्रों में रोबोटिक प्लेटफ़ॉर्म को एकीकृत करना शामिल है। साथ ही यह लक्ष्य निर्धारित करता है कि रोबोटिक प्रक्रियाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो, जिससे सर्जिकल परिणाम सुधरें और रोगियों की रिकवरी तेज़ हो।
स्वास्थ्य प्राधिकरण और प्रौद्योगिकी साझेदार इस ढाँचे के तहत सहयोग करेंगे, जबकि दिल्ली‑एनसीआर पायलट हब के रूप में कार्य करेगा। यह पहल भारत के स्वास्थ्य सेवा को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस रोडमैप से मेडिकल डिवाइस में निवेश बढ़ेगा और रोबोटिक सिस्टम चलाने योग्य कुशल कार्यबल तैयार होगा। सफल कार्यान्वयन से भारत को न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने की संभावना है।
स्थानीय मीडिया द्वारा प्रसारित इस वीडियो में योजना के प्रमुख बिंदु दिखाए गए हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं में रोबोटिक तकनीक के उपयोग को सुदृढ़ करने के सरकार के संकल्प को रेखांकित करता है।
रोडमैप में अस्पतालों में बुनियादी ढाँचा बढ़ाना, सर्जनों को विशेष प्रशिक्षण देना और सार्वजनिक‑निजी दोनों क्षेत्रों में रोबोटिक प्लेटफ़ॉर्म को एकीकृत करना शामिल है। साथ ही यह लक्ष्य निर्धारित करता है कि रोबोटिक प्रक्रियाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो, जिससे सर्जिकल परिणाम सुधरें और रोगियों की रिकवरी तेज़ हो।
स्वास्थ्य प्राधिकरण और प्रौद्योगिकी साझेदार इस ढाँचे के तहत सहयोग करेंगे, जबकि दिल्ली‑एनसीआर पायलट हब के रूप में कार्य करेगा। यह पहल भारत के स्वास्थ्य सेवा को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस रोडमैप से मेडिकल डिवाइस में निवेश बढ़ेगा और रोबोटिक सिस्टम चलाने योग्य कुशल कार्यबल तैयार होगा। सफल कार्यान्वयन से भारत को न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने की संभावना है।
स्थानीय मीडिया द्वारा प्रसारित इस वीडियो में योजना के प्रमुख बिंदु दिखाए गए हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं में रोबोटिक तकनीक के उपयोग को सुदृढ़ करने के सरकार के संकल्प को रेखांकित करता है।