📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Striving tranquil
मौसम
दिल्ली‑एनसीआर में दिवाली की रात धुएँ से घिरा, AQI 400 के करीब
✍️ NDTV
🗓 09 नव. 2026, 03:31 AM
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दिवाली की रात में आतिशबाज़ी और सर्दी के कोहरे ने दिल्ली‑एनसीआर का AQI 400 के निकट पहुंचा दिया, स्वास्थ्य चेतावनियां जारी हुईं।
दिल्ली और उसके आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिवाली की रात धुएँ की अचानक बढ़ोतरी देखी गई, जब आतिशबाज़ी के धुएँ ने सर्दियों के कोहरे के साथ मिलकर आकाश को घेर लिया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगभग 400 तक पहुंच गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जाता है।
बोर्ड ने नागरिकों को बाहर की गतिविधियों को सीमित करने, विशेषकर श्वसन रोग वाले लोगों को घर में रहने और बाहर निकलते समय एन‑95 मास्क पहनने की सलाह दी। अस्पतालों में श्वास में कठिनाई और आँखों में जलन की शिकायतें बढ़ी हुई दर्ज की गईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि का मुख्य कारण आतिशबाज़ी में प्रयुक्त रासायनिक पदार्थ हैं, जो सूक्ष्म कण और विषाक्त गैसें छोड़ते हैं। कम हवा की गति और तापीय उलटाव जैसी मौसमीय स्थितियों ने इन प्रदूषकों को फैलने से रोका, जिससे उनका स्तर तेज़ी से बढ़ गया।
प्राधिकरण अब फायरक्रैकर बिक्री पर मौजूदा प्रतिबंध को कड़ा करने और AQI सुरक्षित स्तर पर लौटने तक कुछ औद्योगिक गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकने जैसे कदमों पर विचार कर रहे हैं।
बोर्ड ने नागरिकों को बाहर की गतिविधियों को सीमित करने, विशेषकर श्वसन रोग वाले लोगों को घर में रहने और बाहर निकलते समय एन‑95 मास्क पहनने की सलाह दी। अस्पतालों में श्वास में कठिनाई और आँखों में जलन की शिकायतें बढ़ी हुई दर्ज की गईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि का मुख्य कारण आतिशबाज़ी में प्रयुक्त रासायनिक पदार्थ हैं, जो सूक्ष्म कण और विषाक्त गैसें छोड़ते हैं। कम हवा की गति और तापीय उलटाव जैसी मौसमीय स्थितियों ने इन प्रदूषकों को फैलने से रोका, जिससे उनका स्तर तेज़ी से बढ़ गया।
प्राधिकरण अब फायरक्रैकर बिक्री पर मौजूदा प्रतिबंध को कड़ा करने और AQI सुरक्षित स्तर पर लौटने तक कुछ औद्योगिक गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकने जैसे कदमों पर विचार कर रहे हैं।