📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim
यात्रा
दिल्ली‑जewar हवाईअड्डा 50 किमी ऊँचा एक्सप्रेसवे को मिली अंतिम मंजूरी
✍️ Livemint
🗓 31 अग. 2026, 12:47 PM
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सरकार ने दिल्ली को जewar हवाईअड्डे से जोड़ने वाले 50 किमी ऊँचे एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी है, जिससे यात्रा समय एक घंटे तक घटेगा।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में निर्माणाधीन जewar हवाईअड्डे को दिल्ली से जोड़ने वाले 50 किमी लंबे ऊँचे एक्सप्रेसवे को अंतिम मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी पिछले वर्ष किए गए विभिन्न अध्ययन और पर्यावरणीय अनुमोदनों के बाद मिली है।
पूरी तरह से ऊँचा, छह लेन वाला यह मार्ग मौजूदा भीड़भाड़ वाले राजमार्गों की तुलना में यात्रा समय को लगभग साठ मिनट तक घटाने का लक्ष्य रखता है, जिससे राजधानी और नए हवाईअड्डे के बीच का सफर काफी तेज़ हो जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि मंजूरी के बाद कार्य जल्द शुरू होगा और चरणबद्ध तरीके से निर्माण किया जाएगा ताकि यातायात पर न्यूनतम असर पड़े। यह तेज़ कनेक्शन न केवल हवाई यात्रियों को लाभान्वित करेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा देगा।
परियोजना को केंद्र सरकार के व्यापक बुनियादी ढांचा लक्ष्यों के साथ संरेखित किया गया है, जिससे भीड़भाड़ कम हो और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि हो।
अंतिम स्वीकृति दिल्ली‑जewar कॉरिडोर के लिए एक महत्वपूर्ण चरण है, जो हवाईअड्डे के संचालन से पहले पहुंच को आसान बनाने और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रमुख पहल है।
पूरी तरह से ऊँचा, छह लेन वाला यह मार्ग मौजूदा भीड़भाड़ वाले राजमार्गों की तुलना में यात्रा समय को लगभग साठ मिनट तक घटाने का लक्ष्य रखता है, जिससे राजधानी और नए हवाईअड्डे के बीच का सफर काफी तेज़ हो जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि मंजूरी के बाद कार्य जल्द शुरू होगा और चरणबद्ध तरीके से निर्माण किया जाएगा ताकि यातायात पर न्यूनतम असर पड़े। यह तेज़ कनेक्शन न केवल हवाई यात्रियों को लाभान्वित करेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा देगा।
परियोजना को केंद्र सरकार के व्यापक बुनियादी ढांचा लक्ष्यों के साथ संरेखित किया गया है, जिससे भीड़भाड़ कम हो और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि हो।
अंतिम स्वीकृति दिल्ली‑जewar कॉरिडोर के लिए एक महत्वपूर्ण चरण है, जो हवाईअड्डे के संचालन से पहले पहुंच को आसान बनाने और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रमुख पहल है।