📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Avrajyoti Mitra
अपराध
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस‑आरएएफ के लिए बॉडी कैमरा अनिवार्य करने से इनकार किया
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 07 अक्टू. 2026, 06:31 PM
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दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के लिए बॉडी‑कैमरा अनिवार्य करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया, क्योंकि इस हेतु विधायी प्रक्रिया आवश्यक है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के लिए बॉडी‑कैमरा अनिवार्य करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे आदेश के लिए स्पष्ट विधायी ढांचा आवश्यक है, जो अभी मौजूद नहीं है।
वर्तमान दिशानिर्देशों में बॉडी‑कैमरा का विवेकाधीन उपयोग संभव है, परन्तु हर अधिकारी को इसे पहनाना अनिवार्य नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा कि कोई भी अनिवार्य व्यवस्था कानून या औपचारिक नीति संशोधन के बिना लागू नहीं की जा सकती।
बॉडी‑कैमरा के पक्षधर इसे पुलिस कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाला मानते हैं, जबकि अधिकारियों ने गोपनीयता, डेटा संग्रहण और बड़ी मात्रा में फुटेज के प्रबंधन संबंधी चुनौतियों को लेकर चिंता व्यक्त की है।
किसी भी विधायी प्रावधान के आने तक वर्तमान स्थिति बनी रहेगी: पुलिस और RAF कर्मी केस‑टू‑केस आधार पर बॉडी‑कैमरा का उपयोग कर सकते हैं, परन्तु इसे सभी पर अनिवार्य नहीं किया जाएगा।
वर्तमान दिशानिर्देशों में बॉडी‑कैमरा का विवेकाधीन उपयोग संभव है, परन्तु हर अधिकारी को इसे पहनाना अनिवार्य नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा कि कोई भी अनिवार्य व्यवस्था कानून या औपचारिक नीति संशोधन के बिना लागू नहीं की जा सकती।
बॉडी‑कैमरा के पक्षधर इसे पुलिस कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाला मानते हैं, जबकि अधिकारियों ने गोपनीयता, डेटा संग्रहण और बड़ी मात्रा में फुटेज के प्रबंधन संबंधी चुनौतियों को लेकर चिंता व्यक्त की है।
किसी भी विधायी प्रावधान के आने तक वर्तमान स्थिति बनी रहेगी: पुलिस और RAF कर्मी केस‑टू‑केस आधार पर बॉडी‑कैमरा का उपयोग कर सकते हैं, परन्तु इसे सभी पर अनिवार्य नहीं किया जाएगा।