📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kamlesh.legalaid
स्वास्थ्य
दिल्ली हाई कोर्ट ने 38 सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बिस्तर डेटा की खामियों पर प्रकाश डाला
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🗓 13 अग. 2026, 07:17 PM
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दिल्ली हाई कोर्ट ने 38 सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बिस्तर डेटा और आपातकालीन प्रतिक्रिया में महत्वपूर्ण खामियों की पहचान की, जिससे रोगी सुरक्षा और संसाधन प्रबंधन पर चिंता बढ़ी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने आज 38 सरकारी अस्पतालों में आईसीयू बिस्तर उपलब्धता और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल की रिपोर्टिंग में गंभीर खामियों की ओर इशारा किया।
क़ानून के अनुसार, अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत आंकड़े वास्तविक आईसीयू बिस्तरों की संख्या या आपातकालीन सेवाओं की तत्परता को सही ढंग से प्रतिबिंबित नहीं करते, जिससे गंभीर स्थितियों में रोगी देखभाल पर असर पड़ सकता है।
इसके जवाब में, हाई कोर्ट ने सभी 38 सुविधाओं का व्यापक ऑडिट करने का आदेश दिया है और स्वास्थ्य अधिकारियों से निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने के लिए कहा है, ताकि विश्वसनीय डेटा और बेहतर आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
क़ानून के अनुसार, अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत आंकड़े वास्तविक आईसीयू बिस्तरों की संख्या या आपातकालीन सेवाओं की तत्परता को सही ढंग से प्रतिबिंबित नहीं करते, जिससे गंभीर स्थितियों में रोगी देखभाल पर असर पड़ सकता है।
इसके जवाब में, हाई कोर्ट ने सभी 38 सुविधाओं का व्यापक ऑडिट करने का आदेश दिया है और स्वास्थ्य अधिकारियों से निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने के लिए कहा है, ताकि विश्वसनीय डेटा और बेहतर आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।