📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hemant banswal
मौसम
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए दो क्लाउड‑सीडिंग परीक्षण किए
✍️ Livemint
🗓 06 नव. 2026, 04:36 PM
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केन्द्रीय सरकार ने दिल्ली में दो क्लाउड‑सीडिंग प्रयोग किए, जिससे राजधानी की लगातार बनी रहने वाली वायु‑प्रदूषण समस्या को कम करने की कोशिश की जा रही है।
पर्यावरण मंत्रालय ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से दिल्ली में दो क्लाउड‑सीडिंग परीक्षण शुरू किए। इन प्रयोगों में विमान से सिल्वर‑आइडाइड कण छोड़कर वायुमंडल में बारिश को प्रेरित किया गया, जिससे धूल‑धुंध को धुलाने की उम्मीद है।
प्रत्येक परीक्षण को नियंत्रित परिस्थितियों में किया गया, जबकि ग्राउंड मॉनिटरिंग स्टेशन ने कण स्तर, दृश्यता और आर्द्रता में बदलाव को रीयल‑टाइम में दर्ज किया। यह कदम सरकार की व्यापक मौसम‑परिवर्तन रणनीति का हिस्सा है, विशेषकर सर्दियों में जब दिल्ली में धुंध की समस्या चरम पर पहुँचती है।
पहले 2025 के लिए ₹1 करोड़ से अधिक बजट निर्धारित किए गए थे, लेकिन वर्तमान में किए गए दो छोटे‑पैमाने के प्रयोगों के परिणामों के आधार पर ही आगे के बड़े‑पैमाने के निवेश का निर्णय लिया जाएगा।
दिल्ली में वायु‑गुणवत्ता सूचकांक कई बार खतरनाक स्तर से ऊपर रहा है, जिससे अधिकारियों को वैकल्पिक उपायों की तलाश करनी पड़ी। इन परीक्षणों के परिणामों का मूल्यांकन करके यह तय किया जाएगा कि क्लाउड‑सीडिंग को शहर की प्रदूषण‑नियंत्रण रणनीति में नियमित रूप से शामिल किया जा सकता है या नहीं।
प्रत्येक परीक्षण को नियंत्रित परिस्थितियों में किया गया, जबकि ग्राउंड मॉनिटरिंग स्टेशन ने कण स्तर, दृश्यता और आर्द्रता में बदलाव को रीयल‑टाइम में दर्ज किया। यह कदम सरकार की व्यापक मौसम‑परिवर्तन रणनीति का हिस्सा है, विशेषकर सर्दियों में जब दिल्ली में धुंध की समस्या चरम पर पहुँचती है।
पहले 2025 के लिए ₹1 करोड़ से अधिक बजट निर्धारित किए गए थे, लेकिन वर्तमान में किए गए दो छोटे‑पैमाने के प्रयोगों के परिणामों के आधार पर ही आगे के बड़े‑पैमाने के निवेश का निर्णय लिया जाएगा।
दिल्ली में वायु‑गुणवत्ता सूचकांक कई बार खतरनाक स्तर से ऊपर रहा है, जिससे अधिकारियों को वैकल्पिक उपायों की तलाश करनी पड़ी। इन परीक्षणों के परिणामों का मूल्यांकन करके यह तय किया जाएगा कि क्लाउड‑सीडिंग को शहर की प्रदूषण‑नियंत्रण रणनीति में नियमित रूप से शामिल किया जा सकता है या नहीं।