📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh lalwani
अपराध
दिल्ली कोर्ट ने जमानत खारिज अपील पर पुलिस को नोटिस जारी किया
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 07 अक्टू. 2026, 06:32 PM
👁 34
दिल्ली के एक न्यायालय ने जमानत खारिज करने के अपील के बाद पुलिस को नोटिस जारी किया है, जिससे मामले में पुलिस की कार्यवाही की कानूनी जांच की संभावना बनी है।
दिल्ली सत्र न्यायालय ने जमानत खारिज करने के अपील के बाद पुलिस को औपचारिक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस बंधक रिहाई के आवेदन से संबंधित प्रक्रिया संबंधी जानकारी और आवश्यक दस्तावेज़ों की माँग करता है।
कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, निचले न्यायालय ने अभियुक्त को जमानत नहीं देने का फैसला किया था, क्योंकि अभियोजन पक्ष ने उन्हें भागने की संभावना और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया था। अपीलकर्ता ने इस निर्णय को असंगत ठहराते हुए सबूतों की कमी का हवाला दिया।
अब न्यायालय ने पुलिस से जांच के विवरण, जमानत सुनवाई में विचार किए गए सबूत और जमानत न देने के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पुलिस को निर्धारित समय सीमा के भीतर यह जानकारी प्रस्तुत करनी होगी, जिसके बाद न्यायालय अपील के मूल्यों का आकलन करेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे नोटिस पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सामान्य प्रक्रिया हैं। इस निर्णय से अभियुक्त के परीक्षण से पहले जमानत प्राप्त करने की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।
मामला वर्तमान में न्यायिक समीक्षा के अधीन है और न्यायालय द्वारा पुलिस की प्रतिक्रिया मिलने के बाद आगे की जानकारी प्रकाशित की जाएगी।
कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, निचले न्यायालय ने अभियुक्त को जमानत नहीं देने का फैसला किया था, क्योंकि अभियोजन पक्ष ने उन्हें भागने की संभावना और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया था। अपीलकर्ता ने इस निर्णय को असंगत ठहराते हुए सबूतों की कमी का हवाला दिया।
अब न्यायालय ने पुलिस से जांच के विवरण, जमानत सुनवाई में विचार किए गए सबूत और जमानत न देने के कारणों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पुलिस को निर्धारित समय सीमा के भीतर यह जानकारी प्रस्तुत करनी होगी, जिसके बाद न्यायालय अपील के मूल्यों का आकलन करेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे नोटिस पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सामान्य प्रक्रिया हैं। इस निर्णय से अभियुक्त के परीक्षण से पहले जमानत प्राप्त करने की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।
मामला वर्तमान में न्यायिक समीक्षा के अधीन है और न्यायालय द्वारा पुलिस की प्रतिक्रिया मिलने के बाद आगे की जानकारी प्रकाशित की जाएगी।