📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Defence
रक्षा
उत्त प्रदेश में रक्षा कॉरिडोर ने कत्ता व्यापार को ध्वस्त किया, शाह ने कहा
✍️ The Times of India
🗓 26 सित. 2026, 04:16 PM
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शाह के अनुसार, उत्तर प्रदेश में स्थापित रक्षा कॉरिडोर ने कत्ता (अवैध रेत खनन) व्यापार को पीछे छोड़ दिया है, जिससे राज्य की औद्योगिक संरचना में बदलाव आया है।
शाह, एक वरिष्ठ अधिकारी, ने द टाईम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उत्तर प्रदेश में शुरू किया गया रक्षा कॉरिडोर अब लंबे समय से चल रहे 'कत्ता' रेत खनन कार्यों को पीछे छोड़ रहा है, जो क्षेत्र में समस्याग्रस्त रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के निर्माण केंद्र और लॉजिस्टिक नेटवर्क निजी निवेश को आकर्षित कर रहे हैं और औपचारिक नौकरियों का सृजन कर रहे हैं, जिससे अनौपचारिक और अक्सर अवैध रेत व्यापार पर निर्भरता घट रही है।
रक्षा कॉरिडोर राष्ट्रीय स्तर पर घरेलू रक्षा उत्पादन इकोसिस्टम विकसित करने की पहल का हिस्सा है। यह एयरोस्पेस, शिपबिल्डिंग और उन्नत सामग्री कंपनियों को एक समन्वित नीति ढाँचे के तहत एकत्र करता है, जिसमें कर रियायत और बुनियादी ढाँचा समर्थन जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
जैसे-जैसे कॉरिडोर गति पकड़ रहा है, 'कत्ता' उद्योग—जो निर्माण के लिए नदी की रेत के अनियंत्रित निष्कर्षण में संलग्न था—बाजार हिस्सेदारी खो रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव पर्यावरणीय स्थितियों को सुधार सकता है और अवैध गतिविधियों को कम कर सकता है, साथ ही राज्य की रक्षा उत्पादन लक्ष्यों में योगदान बढ़ा सकता है।
शाह ने कहा कि यह परिवर्तन अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन यह राज्य में संरचित, उच्च‑मूल्य वाले विनिर्माण की ओर व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
सरकार इस प्रभाव की करीबी निगरानी करने और रेत‑खनन क्षेत्र से विस्थापित कामगारों को कौशल विकास सहायता प्रदान करने की योजना बना रही है।
रक्षा कॉरिडोर राष्ट्रीय स्तर पर घरेलू रक्षा उत्पादन इकोसिस्टम विकसित करने की पहल का हिस्सा है। यह एयरोस्पेस, शिपबिल्डिंग और उन्नत सामग्री कंपनियों को एक समन्वित नीति ढाँचे के तहत एकत्र करता है, जिसमें कर रियायत और बुनियादी ढाँचा समर्थन जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
जैसे-जैसे कॉरिडोर गति पकड़ रहा है, 'कत्ता' उद्योग—जो निर्माण के लिए नदी की रेत के अनियंत्रित निष्कर्षण में संलग्न था—बाजार हिस्सेदारी खो रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव पर्यावरणीय स्थितियों को सुधार सकता है और अवैध गतिविधियों को कम कर सकता है, साथ ही राज्य की रक्षा उत्पादन लक्ष्यों में योगदान बढ़ा सकता है।
शाह ने कहा कि यह परिवर्तन अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन यह राज्य में संरचित, उच्च‑मूल्य वाले विनिर्माण की ओर व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
सरकार इस प्रभाव की करीबी निगरानी करने और रेत‑खनन क्षेत्र से विस्थापित कामगारों को कौशल विकास सहायता प्रदान करने की योजना बना रही है।