📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ShreshtaKhetan
स्थानीय
दौसा में गांधी‑शास्त्री जयंती पर एकता मार्च और सांस्कृतिक कार्यक्रम
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 02 अक्टू. 2026, 08:31 PM
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गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दौसा ने प्रभात फेरी, रामधुनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर चार धर्मगुरुओं के प्रेम‑इंसानियत संदेश को उजागर किया।
राजस्थान के दौसा ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती को एक साथ मनाया। स्थानीय प्रशासन, सामुदायिक समूह और सांस्कृतिक संस्थाओं ने सुबह जल्दी एक प्रभात फेरी आयोजित की, जिसमें शहर के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए।
फेरी के बाद रामधुनी का पवित्र पाठ और कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों में गांधी जी के सत्य‑अहिंसा के सिद्धांत और शास्त्री जी के ‘जय जवान जय किसान’ के नारे को याद किया गया, जिससे इन विचारों की आज की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया।
चार प्रमुख धर्मगुरुओं ने मंच लेकर प्रेम, इंसानियत और साम्प्रदायिक सौहार्द के संदेश दिए। उन्होंने किसी राजनीतिक टिप्पणी से बचते हुए, दोनों महान नेताओं के आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने शांति और आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों को बनाए रखने का संकल्प लिया, जिससे शहर की बहुसांस्कृतिक सामाजिक संरचना में एकजुटता की झलक मिली।
फेरी के बाद रामधुनी का पवित्र पाठ और कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों में गांधी जी के सत्य‑अहिंसा के सिद्धांत और शास्त्री जी के ‘जय जवान जय किसान’ के नारे को याद किया गया, जिससे इन विचारों की आज की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया।
चार प्रमुख धर्मगुरुओं ने मंच लेकर प्रेम, इंसानियत और साम्प्रदायिक सौहार्द के संदेश दिए। उन्होंने किसी राजनीतिक टिप्पणी से बचते हुए, दोनों महान नेताओं के आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने शांति और आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों को बनाए रखने का संकल्प लिया, जिससे शहर की बहुसांस्कृतिक सामाजिक संरचना में एकजुटता की झलक मिली।