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03 जुल. 2026
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दतिया उपचुनाव: भाजपा का गढ़ वापसी पर लक्ष्य, कांग्रेस की जीत बचाने की चुनौती, ओबीसी निर्णायक
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Own work
राजनीति

दतिया उपचुनाव: भाजपा का गढ़ वापसी पर लक्ष्य, कांग्रेस की जीत बचाने की चुनौती, ओबीसी निर्णायक

✍️ Amar Ujala · Bhopal 🗓 03 जुल. 2026, 03:46 PM 👁 4

दतिया विधानसभा उपचुनाव ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। भाजपा अपना खोया हुआ गढ़ वापस पाने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस अपनी जीत बरकरार रखना चाहती है। इस बार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मतदाता चुनाव के सबसे बड़े निर्णायक माने जा रहे हैं।

दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही मध्य प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। यह मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, दोनों प्रमुख दलों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती पेश करता है।

भाजपा इस सीट पर अपना पारंपरिक गढ़ वापस पाने के लिए रणनीतिक रूप से केंद्रित है, जिसका लक्ष्य दतिया की सीट पर नियंत्रण हासिल करना है। इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी अपनी पिछली चुनावी सफलता का बचाव करने और निर्वाचन क्षेत्र को बनाए रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि इस विधानसभा उपचुनाव के परिणाम तय करने में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में उनके वोटिंग पैटर्न पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, क्योंकि उनके सबसे बड़े निर्णायक होने की उम्मीद है।