🔥 TRENDING Tillari shutdown pushes back Calangute... Alumni of Army Welfare Education Socie... Goa BJP, MGP Leaders Resolve Rift Ahea... Shutdown Disrupts Manipur Valley Distr... Ethnic Tensions Escalate in Manipur, R... Kuki Civilian Killed in Kangpokpi, Vil...
21 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
डॉश्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट के प्रति समर्पित
Lifestyle

डॉश्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट के प्रति समर्पित

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 29 Aug 2026, 07:58 PM 👁 62
Watch on: ▶️ YouTube
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

फुलवारी के संपतचक में बिहार के राज्यपालने कहा कि डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट और शिक्षा के प्रति समर्पित रहा

सम्पतचक से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पित था : राज्यपाल

फुलवारी शरीफ, राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने कहा कि डॉ. केयामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र राके प्रति समर्पण, शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय एकता के विचारों से प्रेरित रहा. उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं और हमारी समृद्ध ज्ञान-परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है. राज्यपाल लोकभवन में विश्व हिन्दी परिषद द्वारा आयोजित क्षेत्रीय हिन्दी सम्मेलन एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंद्रेश कुमार ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का चिंतन भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक आत्मबोध से जुड़ा हुआ था. उन्होंने कहा कि हिन्दी सहित भारतीय भाषाएं देश की विविधता को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं और भाषा के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया जा सकता है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और जनभावनाओं से जुड़ी भाषा है. उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने हिन्दी साहित्य और भारतीय चिंतन को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा ऐसे सम्मेलन इस विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं.

विश्व हिन्दी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का व्यक्तित्व भारतीय शिक्षा, संस्कृति, राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रनिर्माण के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि उनके विचारों पर विमर्श के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान-परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रीय चिंतन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

विश्व हिन्दी परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक ठाकुर ने कहा कि हिन्दी को केवल एक भाषा के रूप में नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और विभिन्न भारतीय भाषाओं के बीच संवाद के सशक्त माध्यम के रूप में देखने की आवश्यकता है.

इस अवसर पर पद्मश्री शांतमनु और जम्मू-कश्मीर के चुनाव आयुक्त समेत अन्य अतिथियों की मौजूदगी में रमाकांत चंदन लिखित पुस्तक 'लाल पहाड़ी : स्त्री महाविहार' का विमोचन किया गया. पुस्तक में गंगा घाटी के एक ऐसे प्राचीन महाविहार का उल्लेख किया गया है, जहां विशिष्ट बौद्ध भिक्षुणियों के निवास के प्रमाण मिले हैं. उत्खनन के दौरान मिले सुरक्षा संबंधी संकेतों और सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुओं के आधार पर इस स्थल की विशेषता को रेखांकित किया गया है.

कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सी. पी. ठाकुर, डॉ. संजय पासवान, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, एमएलसी सूर्य कुमार शर्मा, मुख्य समन्वयक शैलेश वत्स, विश्व हिन्दी परिषद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं सम्मेलन संयोजक कमल किशोर तथा सह-संयोजक और शैक्षिक प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रो. मधु प्रभा सहित परिषद के कई पदाधिकारी, साहित्यकार, विद्वान और शोधार्थी मौजूद रहे.

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, विद्वानों, साहित्यकारों, शोधार्थियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया.
📲Get App