📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Henry Cousens (1893)
अपराध
दमोह अदालत ने मंजूर आलम को 42 लाख 46 हजार 550 रुपये की ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी पर 7 साल की सजा सुनाई
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 15 अक्टू. 2026, 08:31 PM
👁 16
दमोह जिला अदालत ने मंजूर आलम को ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 42 लाख 46 हजार 550 रुपये की ठगी करने के लिए सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
दमोह जिला अदालत ने मंजूर आलम को सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई, क्योंकि वह ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 42 लाख 46 हजार 550 रुपये की ठगी करने के दोषी पाए गए। अदालत ने दर्ज किया कि आलम ने पीड़िता को अत्यधिक मुनाफे का वादा करके बड़ी राशि जमा करवाई, लेकिन वह पैसा निवेश नहीं किया गया और पूरी तरह से उनका हाथ निकल गया।
प्रोसेक्यूशन के अनुसार, आलम ने पीड़िता को भरोसा दिलाते हुए निवेश का प्रस्ताव रखा और बैंक खाते में धनराशि जमा करवाई, जिसे बाद में वह अपने नियंत्रण में रखकर चुराकर ले गया। इस कारण पीड़िता को कुल 42 लाख से अधिक की आर्थिक हानि हुई।
निर्णय देते समय न्यायाधीश ने साइबर‑आधारित वित्तीय अपराधों की गंभीरता पर प्रकाश डाला और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़ी सजा की आवश्यकता बताई। आलम को सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई और यदि कोई राशि बरामद हुई तो उसे पीड़िता को लौटाने का निर्देश दिया गया।
प्रोसेक्यूशन के अनुसार, आलम ने पीड़िता को भरोसा दिलाते हुए निवेश का प्रस्ताव रखा और बैंक खाते में धनराशि जमा करवाई, जिसे बाद में वह अपने नियंत्रण में रखकर चुराकर ले गया। इस कारण पीड़िता को कुल 42 लाख से अधिक की आर्थिक हानि हुई।
निर्णय देते समय न्यायाधीश ने साइबर‑आधारित वित्तीय अपराधों की गंभीरता पर प्रकाश डाला और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़ी सजा की आवश्यकता बताई। आलम को सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई और यदि कोई राशि बरामद हुई तो उसे पीड़िता को लौटाने का निर्देश दिया गया।