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25 अक्टू. 2026•
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तमिलनाडु में दलित राजनीति: सिर्फ प्रतिनिधित्व से परे
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
राजनीति

तमिलनाडु में दलित राजनीति: सिर्फ प्रतिनिधित्व से परे

✍️ The New Indian Express 🗓 25 अक्टू. 2026, 02:03 AM 👁 23
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तमिलनाडु में दलित राजनीति सिर्फ संख्याओं से परे है, यह सामाजिक न्याय की लड़ाई है।

तमिलनाडु की राजनीतिक परिदृश्य में दलितों का प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है। विभिन्न पदों पर दलित राजनेताओं की उपस्थिति उल्लेखनीय है, लेकिन बात सिर्फ संख्याओं तक ही सीमित नहीं है। राजनीतिक प्रणाली में दलित आवाजों को सुना जाए और उनकी चिंताओं का प्रभावी ढंग से समाधान हो, इस पर जोर बढ़ रहा है। यह एक अधिक समावेशी और न्यायपूर्ण राजनीतिक वातावरण की ओर एक बदलाव है।
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