स्थानीय
डबरा में पार्षदों पर विकास कार्यों में उपेक्षा और समाजसेवियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने का आरोप
डबरा के पार्षदों पर 5 साल तक विकास कार्य न करने और समाजसेवियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने का दबाव बनाने का आरोप लगा है। जनता ने इस मामले में विरोध जताया है।
डबरा की जनता ने स्थानीय पार्षदों पर पिछले 5 वर्षों में शहर के विकास के प्रति उपेक्षा बरतने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पार्षद चुनाव जीतने के बाद जनता से किए वादे पूरे नहीं किए गए और अब वे जनता को धमकी भी दे रहे हैं। जनता का कहना है कि पार्षद अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को हल करने में विफल रहे हैं।
यह भी आरोप है कि जब युवा समाजसेवियों ने जनता के सामने पार्षदों की इन विफलताओं को उजागर किया, तो नगरपालिका ने दबाव बनाकर उन समाजसेवियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास किया। समाजसेवियों का कहना है कि उन पर थाने में झाड़ू लगाने जैसी कार्रवाई के माध्यम से झूठे आरोप मढ़ने की कोशिश की गई।
जनता इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रही है और कहा है कि वे आने वाले समय में इसका हिसाब जरूर लेंगी। समाजसेवियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को जनता के आवाज को दबाने का प्रयास माना जा रहा है।
यह भी आरोप है कि जब युवा समाजसेवियों ने जनता के सामने पार्षदों की इन विफलताओं को उजागर किया, तो नगरपालिका ने दबाव बनाकर उन समाजसेवियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास किया। समाजसेवियों का कहना है कि उन पर थाने में झाड़ू लगाने जैसी कार्रवाई के माध्यम से झूठे आरोप मढ़ने की कोशिश की गई।
जनता इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रही है और कहा है कि वे आने वाले समय में इसका हिसाब जरूर लेंगी। समाजसेवियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को जनता के आवाज को दबाने का प्रयास माना जा रहा है।