📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / VIIRS Imagery from NOAA’s Suomi-NPP Satellite
मौसम
सायक्लोन मुरासु ने पश्चिम बंगाल में किया लैंडफ़ॉल, साप्ताहिक मौसम चेतावनी जारी
✍️ The Indian Express
🗓 03 नव. 2026, 01:02 AM
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सायक्लोन मुरासु ने पश्चिम बंगाल के तट को छुआ है और राज्य मौसम विभाग ने भारी बारिश व तेज़ हवाओं की साप्ताहिक भविष्यवाणी जारी की है।
इंडिया मौसम विभाग (IMD) के अनुसार सायक्लोन मुरासु ने इस सप्ताह की शुरुआत में पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र में लैंडफ़ॉल किया। विभाग ने अगले सात दिनों के लिए विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें व्यापक भारी बारिश, तेज़ हवाएँ और निचले इलाकों में जलभराव की संभावना बताई गई है।
राज्य के अधिकारियों को आपातकालीन टीमों को सक्रिय करने, जल निकासी मार्ग साफ़ करने और पीड़ित क्षेत्रों में गैर‑जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। संवेदनशील जिलों में स्कूल और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को रोकने पर भी विचार किया जा रहा है।
IMD ने चेतावनी दी है कि सायक्लोन अंदरूनी क्षेत्रों में आगे बढ़ते हुए बारिश की तीव्रता बढ़ा सकता है, इसलिए निवासियों को आधिकारिक बुलेटिन से अपडेट रहना और हवाओं से होने वाले नुकसान से बचाव के उपाय करना आवश्यक है।
तटीय मछुआरों को अपने जहाज़ किनारे रखने और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है। संभावित विस्थापन के मद्देनज़र राहत सामग्री को पहले ही तैयार किया जा रहा है।
सिस्टम के विकास के साथ मौसम विभाग नियमित रूप से अपडेट जारी करेगा और मोबाइल तथा रेडियो नेटवर्क के माध्यम से समय‑समय पर अलर्ट प्रदान करेगा।
राज्य के अधिकारियों को आपातकालीन टीमों को सक्रिय करने, जल निकासी मार्ग साफ़ करने और पीड़ित क्षेत्रों में गैर‑जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। संवेदनशील जिलों में स्कूल और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को रोकने पर भी विचार किया जा रहा है।
IMD ने चेतावनी दी है कि सायक्लोन अंदरूनी क्षेत्रों में आगे बढ़ते हुए बारिश की तीव्रता बढ़ा सकता है, इसलिए निवासियों को आधिकारिक बुलेटिन से अपडेट रहना और हवाओं से होने वाले नुकसान से बचाव के उपाय करना आवश्यक है।
तटीय मछुआरों को अपने जहाज़ किनारे रखने और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है। संभावित विस्थापन के मद्देनज़र राहत सामग्री को पहले ही तैयार किया जा रहा है।
सिस्टम के विकास के साथ मौसम विभाग नियमित रूप से अपडेट जारी करेगा और मोबाइल तथा रेडियो नेटवर्क के माध्यम से समय‑समय पर अलर्ट प्रदान करेगा।